नई दिल्ली: भारत मंडपम में चल रहे 44वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (IITF) 2025 के अंतिम दो दिनों में झारखंड पवेलियन सबसे ज्यादा भीड़ और खरीदारी का केंद्र बन गया है। यहां मिल रही आकर्षक छूट, पारंपरिक कला के अनोखे उत्पाद और विविध विकल्पों ने आगंतुकों को खूब लुभाया है।
पवेलियन में हस्तशिल्प, लाख की चूड़ियाँ, हथकरघा सामग्री, रेशमी वस्त्र, धातु शिल्प, रागी-आधारित खाद्य उत्पाद और फ्यूज़न ज्वेलरी पर 20 से 30 प्रतिशत तक की भारी छूट दी जा रही है, जिससे खरीदारी का उत्साह चरम पर है। करियातपुर ब्रास ने अपने प्रीमियम पीतल उत्पादों पर 10 प्रतिशत छूट देकर ग्राहकों को आकर्षित किया है, वहीं डामू बोडरा और अनुपमा स्टॉल पर हैंडमेड कॉटन, सिल्क, मटका सिल्क और चंदेरी कॉटन के सूट-साड़ियों पर 30 प्रतिशत छूट ने महिलाओं की खरीदारी को और बढ़ा दिया है।
पारंपरिक और आधुनिक डिज़ाइन के मेल वाली फ्यूज़न ज्वेलरी भी लोगों की पसंद बनी हुई है। सांती विजय एंड कंपनी के स्टॉल पर धीरज जैन द्वारा प्रदर्शित झारखंड की पारंपरिक कला से प्रेरित ज्वेलरी को खरीदने वालों की भीड़ लगातार बढ़ रही है। झारक्राफ्ट ने भी अपने रेशमी और हस्तशिल्प उत्पादों पर 15 प्रतिशत छूट देकर खरीदारों का ध्यान खींचा है।
फूड कोर्ट में झारखंड के असली स्वाद ने भी धूम मचा दी, जहां दाल पीठा, रुगड़ा, चिल्का रोटी, ठेकुआ, मालपुआ और धुस्का जैसे पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए आगंतुकों की लंबी कतारें देखी गईं।
छूट का उद्देश्य स्थानीय कारीगरों, बुनकरों, महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों और छोटे उद्यमियों को प्रोत्साहित करना है। विविध उत्पादों, बेहतरीन ऑफर्स और लाजवाब प्रस्तुति के साथ झारखंड पवेलियन IITF 2025 के अंतिम दिनों में सबसे ज्यादा कारोबार और भीड़ जुटाने वाला पवेलियन साबित हो रहा है।







