नई दिल्ली, 8 जनवरी 2026।
दिल्ली सरकार के समाज कल्याण मंत्री श्री रविंदर इंद्राज सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि संतों के खिलाफ अपमानजनक और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। विधानसभा परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह देश संतों की भूमि है और जिन्होंने देश व धर्म की रक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान दिया है, उनके सम्मान से कोई समझौता नहीं हो सकता।
श्री रविंदर इंद्राज सिंह ने कहा कि संत समाज भारतीय संस्कृति, परंपराओं और सनातन मूल्यों की आत्मा है। उनके खिलाफ की गई किसी भी तरह की आपत्तिजनक टिप्पणी निंदनीय है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने दो टूक कहा कि सनातन धर्म के अनुयायियों की भावनाओं को आहत करने वालों के खिलाफ सरकार सख्त कार्रवाई करेगी।
प्रदूषण के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष की भूमिका पर सवाल उठाते हुए समाज कल्याण मंत्री ने कहा कि दिल्ली की जनता सब देख रही है और समझ रही है कि विपक्ष इस गंभीर समस्या को लेकर कितना संवेदनशील है। उन्होंने कहा कि जिस सरकार ने 11 वर्षों तक दिल्ली के प्रदूषण को नजरअंदाज किया, वही आज राजनीति कर रही है। जब मौजूदा सरकार प्रदूषण जैसे गंभीर विषय पर चर्चा और समाधान चाहती है, उस समय नेता प्रतिपक्ष का गोवा दौरे पर जाना यह दर्शाता है कि उन्हें जनसमस्याओं से ज्यादा राजनीति में दिलचस्पी है।
अतिक्रमण हटाने को लेकर हो रही राजनीति पर प्रतिक्रिया देते हुए श्री रविंदर इंद्राज सिंह ने कहा कि धर्म के नाम पर या निजी स्वार्थ के लिए अतिक्रमण को बढ़ावा देना किसी भी हालत में उचित नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अतिक्रमण के कारण आम जनता को होने वाली परेशानी और न्यायालय के आदेशों के पालन के तहत प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। ऐसे में इस मुद्दे पर राजनीति करना गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है।
समाज कल्याण मंत्री ने दोहराया कि दिल्ली सरकार जनहित, कानून और संविधान के दायरे में रहते हुए काम कर रही है और किसी भी प्रकार के गलत कृत्य या अपमानजनक बयान को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।







