जनकपुरी में हुए दर्दनाक हादसे को लेकर दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ शब्दों में कहा है कि लापरवाही के कारण किसी भी कीमत पर जनहानि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हादसे को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने राजधानी में चल रहे सभी खुदाई और उत्खनन कार्यों को लेकर तत्काल और समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद मुख्य सचिव ने सभी विभागों और कार्यदायी एजेंसियों के लिए एक सख्त सुरक्षा निर्देश जारी किया है, जिसमें खुदाई से जुड़े हर कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों का पालन अनिवार्य किया गया है। यह निर्देश PWD, दिल्ली जल बोर्ड, सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण विभाग, MCD, NDMC, DISCOM सहित सभी संबंधित विभागों और ठेकेदारों पर लागू होगा।
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी खुदाई स्थलों पर पहले से पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए जाएं, रात के समय और कम दृश्यता की स्थिति में रिफ्लेक्टर लाइट, ब्लिंकर और चमकदार टेप अनिवार्य रूप से लगाए जाएं। इसके साथ ही कार्यस्थल के चारों ओर मजबूत और स्पष्ट बैरिकेडिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पैदल यात्रियों, साइकिल चालकों और वाहनों की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि खुदाई की गई सामग्री या खुले गड्ढे राहगीरों को दिखाई न दें और धूल प्रदूषण न फैले। जहां जरूरत हो, वहां सुरक्षित पैदल मार्ग और ट्रैफिक डायवर्जन की व्यवस्था की जाए, ताकि लोगों को असुविधा कम हो और सुरक्षा सर्वोपरि रहे।
इस पूरे मामले में जवाबदेही तय करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा है कि सुरक्षा मानकों के पालन की जिम्मेदारी सीधे संबंधित फील्ड अधिकारियों, इंजीनियरों और ठेकेदारों की होगी। नियमित निरीक्षण अनिवार्य किया गया है और किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सरकार ने सभी विभागों को आदेश दिया है कि वे राजधानी में चल रहे और हाल ही में पूरे हुए सभी खुदाई कार्यों की तुरंत समीक्षा करें और तीन दिनों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट मुख्य सचिव कार्यालय को सौंपें। इसमें कार्यस्थलों की स्थिति, सुरक्षा इंतजाम और सुधारात्मक कदमों का पूरा विवरण देना होगा।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दो टूक कहा है कि यदि किसी भी लापरवाही के कारण हादसा होता है या जनहानि होती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों के खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली सरकार ने दोहराया है कि नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी विभाग या ठेकेदार को नियमों से समझौता करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।







