AI समिट में प्रदर्शित रोबोट पर उठे सवाल, स्वतंत्र जांच की मांग; तिलक मार्ग थाने में शिकायत दर्ज


हाल ही में आयोजित एक एआई समिट में प्रदर्शित रोबोट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। इस संबंध में बुधवार को Tilak Marg Police Station में एक औपचारिक शिकायत दायर कर स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की गई है। शिकायत में आरोप है कि समिट के दौरान Galgotias University द्वारा प्रदर्शित रोबोट को स्वदेशी और मौलिक नवाचार के रूप में प्रस्तुत किया गया, जबकि मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया चर्चाओं में इसके विदेशी, विशेष रूप से चीन में विकसित तकनीक पर आधारित होने की आशंका जताई गई है।

शिकायत अंतिम वर्ष के विधि छात्र दिव्यांशु निशाना ने अधिवक्ताओं कार्तिक गुलाटी, कुनाल हंस, मयंक शर्मा और श्रेयोसी सरकार के साथ संयुक्त रूप से दाखिल की है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि रोबोट की तकनीकी उत्पत्ति, बौद्धिक संपदा अधिकारों और सार्वजनिक प्रस्तुति से जुड़े सभी पहलुओं की विधिसम्मत जांच कराई जाए, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि इसे किस आधार पर स्वदेशी नवाचार बताया गया।

शिकायत में कहा गया है कि यदि विदेशी तकनीक को जानबूझकर स्वदेशी आविष्कार के रूप में पेश किया गया है, तो यह गंभीर भ्रामक प्रस्तुति और संभावित जालसाजी का मामला हो सकता है। ऐसा कृत्य न केवल देश की तकनीकी विश्वसनीयता को प्रभावित करेगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की प्रतिष्ठा पर भी प्रतिकूल असर डाल सकता है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए शिकायतकर्ताओं ने विश्वविद्यालय के अध्यक्ष, निदेशकों, कुलपति, विभागाध्यक्ष और अन्य संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की मांग की है। साथ ही, यदि किसी प्रकार के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई शुरू करने का अनुरोध किया गया है।

शिकायत में यह भी कहा गया है कि आवश्यकता पड़ने पर जांच का दायरा राष्ट्रीय स्तर तक बढ़ाया जाए और सक्षम एजेंसियों, जैसे National Investigation Agency, को भी इसमें शामिल किया जाए। शिकायतकर्ता ने प्रधानमंत्री से भी व्यापक राष्ट्रीय हित में मामले की समग्र जांच सुनिश्चित करने की अपील की है।

हालांकि शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट किया है कि इस स्तर पर किसी व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध कोई अंतिम आरोप नहीं लगाया जा रहा है। उनका कहना है कि उद्देश्य केवल तथ्यों का सत्यापन, जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, ताकि राष्ट्र की गरिमा और तकनीकी विश्वसनीयता सुरक्षित रह सके। अब देखना होगा कि संबंधित प्राधिकरण इस शिकायत पर क्या कदम उठाते हैं।

  • Leema

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