नई दिल्ली, 20 फरवरी 2026
दिल्ली स्टार्टअप युवा फेस्टिवल 2026 के तहत प्रशिक्षण एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शीर्ष 100 चयनित छात्र स्टार्टअप्स के साथ विशेष संवाद सत्र में भाग लिया और युवाओं के नवाचार को नई दिशा देने की घोषणा की। कार्यक्रम का आयोजन इंदिरा गांधी दिल्ली तकनीकी विश्वविद्यालय फॉर वुमन में किया गया।
मंत्री ने युवा उद्यमियों की रचनात्मकता, तकनीकी दक्षता और नवाचार की सराहना करते हुए कहा कि दिल्ली सरकार केवल डिग्री प्रदान करने तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों को अवसर, मंच और बाज़ार से जोड़ने की ठोस व्यवस्था कर रही है। उन्होंने कहा कि मजबूत स्टार्टअप संस्कृति समय की मांग है और दिल्ली के युवाओं में वैश्विक पहचान बनाने की क्षमता है। सही मार्गदर्शन, मेंटरशिप और निवेश समर्थन के जरिए उन्हें जॉब सीकर नहीं, बल्कि जॉब क्रिएटर बनाया जा सकता है।
संवाद सत्र के दौरान चयनित स्टार्टअप्स ने अपने प्रोजेक्ट्स और व्यावसायिक मॉडल प्रस्तुत किए। मंत्री ने युवाओं के सुझावों को गंभीरता से सुना और अधिकारियों को समन्वित सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि फेस्टिवल में करीब 1000 स्टार्टअप्स ने भाग लिया, जिनमें से 700 ने विस्तृत प्रस्तुति दी और अंततः 100 को चयनित किया गया। यह पहल युवाओं की नवाचार क्षमता को संस्थागत समर्थन देने की दिशा में बड़ा कदम है।
मंत्री ने “कैंपस टू मार्केट” दृष्टिकोण पर जोर देते हुए कहा कि सरकार का उद्देश्य आइडिया को फाइलों तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उसे बाजार तक पहुंचाना है। उन्होंने एक छात्र द्वारा विकसित ड्रोन तकनीक का उदाहरण देते हुए बताया कि उसे फॉगिंग जैसे कार्यों के लिए उपयोगी बनाया गया है और भविष्य में ऐसे ड्रोन आरडब्ल्यूए के लिए सर्विलांस व सुरक्षा में भी सहायक हो सकते हैं।
श्री सूद ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार शीघ्र ही व्यापक “स्टार्टअप इन्क्यूबेशन पॉलिसी” लागू करेगी। इसके तहत अगले पांच वर्षों में ₹325 करोड़ का प्रावधान कर 5000 स्टार्टअप्स को एंड-टू-एंड समर्थन दिया जाएगा। नीति में बौद्धिक संपदा संरक्षण, उचित वैल्यूएशन, फंडिंग एक्सेस, एंजेल निवेशकों से संपर्क और मार्केट लिंकिंग की समग्र व्यवस्था शामिल होगी।
उन्होंने कहा कि पूर्व में विभिन्न संस्थानों में समान परियोजनाओं पर अलग-अलग काम होने से संसाधनों की पुनरावृत्ति और ऊर्जा की बर्बादी होती थी। नई नीति इन प्रयासों को एकीकृत कर सुव्यवस्थित और परिणामोन्मुख बनाएगी।
“बिजनेस ब्लास्टर्स” पहल का उल्लेख करते हुए मंत्री ने बताया कि 1000 से अधिक स्कूलों की 5000 टीमों को प्रति टीम ₹20,000 की सहायता दी गई है, ताकि छात्र अपने विचारों को आकार दे सकें। इस वर्ष इस उद्देश्य के लिए लगभग ₹10 करोड़ का बजट निर्धारित किया गया है।
मंत्री ने भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार युवा नवप्रवर्तकों के साथ मजबूती से खड़ी है और स्टार्टअप इकोसिस्टम को सशक्त बनाने के लिए हरसंभव संस्थागत सहयोग प्रदान करेगी। उन्होंने मीडिया से भी आह्वान किया कि छात्र-नेतृत्व वाले उत्पादों और विचारों को व्यापक मंच देकर उन्हें राष्ट्रीय और वैश्विक बाजार तक पहुंचाने में सहयोग दें।
दिल्ली स्टार्टअप युवा फेस्टिवल 2026 का उद्देश्य छात्रों में नवाचार, अनुसंधान और उद्यमिता की भावना को प्रोत्साहित कर उन्हें उद्योग जगत से जोड़ना है। यह पहल दिल्ली को स्टार्टअप और नवाचार की अग्रणी राजधानी बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम मानी जा रही है।




