सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट की दरियागंज थाना पुलिस ने स्नैचिंग की वारदात को महज 48 घंटे के भीतर सुलझाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने न केवल झपटा गया मोबाइल फोन बरामद किया, बल्कि वारदात में इस्तेमाल स्कूटी भी जब्त कर ली। मामले में शामिल दूसरे आरोपी की पहचान कर ली गई है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
घटना 15 फरवरी 2026 की शाम करीब 5:15 बजे की है। शिकायतकर्ता अपने निजी काम से दिल्ली आया था और अपने दोस्त के साथ आसफ अली रोड से घाटा मस्जिद की ओर साइकिल रिक्शा से जा रहा था। दिल्ली गेट ट्रैफिक सिग्नल के पास उसके हाथ में दोस्त का मोबाइल फोन था। तभी पीछे से स्कूटी सवार दो युवक आए और पीछे बैठे युवक ने झपट्टा मारकर मोबाइल छीन लिया। आरोपी राजघाट की ओर फरार हो गए। इस संबंध में थाना दरियागंज में एफआईआर संख्या 80/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएचओ देवेंद्र कौशिक के निर्देशन और एसीपी कमल शर्मा की निगरानी में एसआई प्रियंक राणा, हेड कांस्टेबल संदीप, सुनील और कांस्टेबल राजवीर की टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को आगे-पीछे खंगाला और संदिग्धों की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी निगरानी और स्थानीय मुखबिरों की मदद से आरोपियों की पहचान की दिशा में अहम सुराग मिले।
लगातार निगरानी के दौरान सूचना मिली कि एक आरोपी चांदनी महल इलाके में मौजूद है। पुलिस टीम ने 17 फरवरी को त्वरित कार्रवाई करते हुए छापा मारा और 22 वर्षीय फैजान को गिरफ्तार कर लिया, जो अमरूद वाली मस्जिद, चांदनी महल का रहने वाला है। पूछताछ में फैजान ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की और बताया कि वह आसान पैसे कमाने के लालच में इस अपराध में शामिल हुआ था। वह स्कूल छोड़ चुका है और फिलहाल बेरोजगार है।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने झपटा गया मोबाइल फोन — सैमसंग गैलेक्सी S23 अल्ट्रा (ब्लैक) — और वारदात में इस्तेमाल की गई टीवीएस एनटॉर्क स्कूटी बरामद कर ली। कानूनी प्रक्रिया पूरी कर बरामद सामान को जब्त कर लिया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी पहले से ही इसी तरह के तीन मामलों में संलिप्त रहा है।
फिलहाल फरार सह-आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं और मामले की आगे की जांच की जा रही है। दरियागंज थाना पुलिस की इस त्वरित और समन्वित कार्रवाई ने एक बार फिर साबित किया है कि अपराध के बाद बच निकलना अब आसान नहीं है।




