दिल्ली पुलिस की साइबर और एंटी-नारकोटिक्स टीम ने संयुक्त कार्रवाई में पितमपुरा स्थित एक फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश कर बड़ा खुलासा किया है। इस गिरोह के 19 सदस्यों, जिनमें 12 महिलाएं शामिल हैं, को मौके से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी खुद को Bajaj Finserv का प्रतिनिधि बताकर देशभर के लोगों से लोन और इंश्योरेंस के नाम पर ठगी कर रहे थे।
पुलिस को मिली पुख्ता सूचना के आधार पर छापेमारी की गई, जहां आरोपी मोबाइल फोन के जरिए लोगों को कॉल कर लोन दिलाने का झांसा देते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति तैयार होता, उससे आधार और पैन कार्ड की जानकारी लेकर व्हाट्सएप पर QR कोड भेजा जाता और ₹1500 से ₹2000 तक की प्रोसेसिंग फीस वसूली जाती। पैसे मिलने के बाद आरोपी नंबर बदल लेते या पीड़ित को ब्लॉक कर देते थे।
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के पास अलग-अलग राज्यों के लोगों का डाटा मौजूद था और पूरा ऑपरेशन पितमपुरा के एक मैनेजर द्वारा संचालित किया जा रहा था, जो फिलहाल फरार है। पुलिस ने मौके से 36 मोबाइल फोन और रजिस्टर बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल इस ठगी में किया जा रहा था।
दिल्ली पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या APK फाइल पर भरोसा न करें और अपनी बैंकिंग जानकारी या OTP किसी के साथ साझा न करें। किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन 1930 या साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।





