देश में चल रहे एलपीजी सप्लाई संकट के बीच केंद्र सरकार ने राहत देने के लिए नए कदम उठाए हैं। लगातार तीसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुके इस संकट के दौरान सरकार ने साफ किया है कि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आम लोगों पर इसका असर न्यूनतम रहे।
शुक्रवार, 20 मार्च 2026 को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (MoPNG) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी केवल प्रीमियम वेरिएंट तक सीमित रखी गई है। प्रीमियम पेट्रोल के दाम में ₹2-3 प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है, जबकि आम इस्तेमाल वाला पेट्रोल अभी भी पुराने दामों पर ही उपलब्ध रहेगा।
मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने भरोसा दिलाया कि इस फैसले से आम जनता पर कोई अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने घरेलू स्तर पर एलपीजी उत्पादन में औसतन 40 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की है, जिससे सप्लाई को बेहतर बनाने में मदद मिल रही है।
साथ ही सरकार अंतरराष्ट्रीय बाजार से भी एलपीजी की खरीद बढ़ा रही है। सुजाता शर्मा के अनुसार, “स्थिति जरूर चिंताजनक है, लेकिन ऐसी नहीं है कि घरेलू उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध नहीं कराई जा सके। हम हर संभव जगह से एलपीजी कार्गो मंगवा रहे हैं।”
सरकार के इन कदमों से यह साफ संकेत मिलता है कि मौजूदा संकट के बावजूद घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने की हर संभव कोशिश की जा रही है, ताकि रसोई गैस की आपूर्ति बनी रहे और आम जनजीवन पर इसका असर कम से कम हो।




