आईईआई-डीएससी समृद्ध परंपरा के साथ, परिवर्तन का एक प्रमुख प्रेरक रहा है : सतपाल सिंह, अध्यक्ष,

इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स (इंडिया), दिल्ली राज्य केंद्र ने 15 सितंबर, 2025 को 58वां अभियंता दिवस मनाया, जिसकी थीम थी: “डीप टेक और इंजीनियरिंग उत्कृष्टता: भारत के टेकएड को गति देना।”
58वां अभियंता दिवस अवसर पर श्री अश्वनी लोहानी, निदेशक, प्रधानमंत्री संग्रहालय और पुस्तकालय, मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और पूर्व dअध्यक्ष, आईईआई; श्री ओ. पी. गोयल, श्री प्रदीप चतुर्वेदी, श्री आर. के. बागोरडिया, डॉ. जी. एस. यादव तथा श्री देवेंद्र गिल ने भी समारोह की शोभा बढ़ाई और सभा को संबोधित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए हुई, जिसमें मुख्य अतिथि व अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने पुष्पांजलि अर्पित की।
श्री सतपाल सिंह, अध्यक्ष, आईईआई-डीएससी ने सभी अतिथियों एवं आमंत्रितों का स्वागत किया और भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया की उपलब्धियों और योगदानों पर प्रकाश डाला। श्री सतपाल सिंह ने बताया कि आईईआई, इंजीनियरिंग अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने की अपनी समृद्ध परंपरा के साथ, इस परिवर्तन का एक प्रमुख प्रेरक रहा है। अपने अनुसंधान एवं विकास अनुदान योजना (R&D Grant-in-Aid Scheme) के माध्यम से, आईईआई ने स्नातक स्तर पर भी नवाचार और प्रयोग को प्रोत्साहित किया है, जिससे युवा इंजीनियर प्रभावशाली समाधान विकसित कर सके हैं।
श्री सतपाल सिंह, अध्यक्ष, आईईआई-डीएससी ने इंजीनियरिंग के माध्यम से प्रगति की इस प्रतिबद्धता के कारण, आईईआई को भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा एक वैज्ञानिक और औद्योगिक अनुसंधान संगठन (SIRO) के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है। शोध को बढ़ावा देकर, अकादमिक जगत और उद्योग के बीच सेतु बनाकर, और प्रतिभाओं को संवारते हुए, आईईआई भारत की डीप टेक यात्रा में एक प्रमुख भूमिका निभा रहा है।
इस अवसर पर “प्रख्यात अभियंता पुरस्कार 2025” निम्नलिखित विशिष्ट अभियंताओं को प्रदान किए गए:

  • Leema

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