‘आराधना’ में संगीत और नृत्य की सुरमयी शाम, महान गुरुओं को दी भावपूर्ण श्रद्धांजलि

नई दिल्ली। मुक्तधारा–बंगा संस्कृति भवन, गोल मार्केट में साधक सेंटर ऑफ़ परफ़ॉर्मिंग आर्ट्स द्वारा ‘आराधना—म्यूज़िकल और डांस ट्रिब्यूट’ नामक एक भव्य सांस्कृतिक संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें संगीत और नृत्य के माध्यम से महान गुरुओं को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह कार्यक्रम भारतीय शास्त्रीय संगीत और कथक नृत्य की समृद्ध परंपरा को समर्पित रहा और गुरुओं पंडित रामाशीष पाठक तथा गुरु कुंदन लाल गंगानी के योगदान को सम्मानपूर्वक याद किया गया।

संध्या में कथक के प्रख्यात कलाकार धीरेंद्र तिवारी, वरिष्ठ तबला वादक योगेश गंगानी और पंडित राकेश कुमार पाठक की विशेष उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया। मंच पर वरिष्ठ एवं युवा कलाकारों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पखावज, तबला, सारंगी, द्रुपद गायन और कथक नृत्य की विविध प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक रस से सराबोर कर दिया।

कार्यक्रम में देवाशीष पाठक, ऋषव आशीष पाठक और आशीष गंगानी ने पखावज पर अपनी कला का अद्भुत प्रदर्शन किया, जबकि मोहित गगनानी ने तबला वादन से सभी का मन जीत लिया। अंजना सिंह की कथक प्रस्तुति ने दर्शकों को भारतीय नृत्यशैली की गहराई से रूबरू कराया। वहीं डॉ. सुमीत आनंद पांडे ने द्रुपद गायन से सभागार में एक अनोखी आध्यात्मिक अनुभूति जगाई। सारंगी पर तनिष्क धौलपुरी और स्वर-हारमोनियम पर नवीन प्रसाद ने अपनी सरस प्रस्तुति से कार्यक्रम को और समृद्ध बनाया। प्रवीण परिहार के प्रभावी पढन्त ने मंचीय वातावरण को और सशक्त किया।

‘आराधना’ का मूल उद्देश्य भारतीय शास्त्रीय कलाओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित गुरुओं के अमूल्य योगदान को सम्मान देना था। साधक सेंटर ऑफ़ परफ़ॉर्मिंग आर्ट्स लंबे समय से युवा कलाकारों और साधकों के लिए मंच उपलब्ध कराता रहा है और यह कार्यक्रम उसी दिशा में उसकी प्रतिबद्धता का दर्पण बनकर सामने आया।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कला-प्रेमियों ने उपस्थिति दर्ज कराई और संगीत–नृत्य की इस भावपूर्ण यात्रा में शामिल होते हुए गुरुओं के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।

  • Leema

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