नई दिल्ली, 7 नवंबर 2025
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज छतरपुर स्थित कात्यायनी शक्तिपीठ में आयोजित ‘सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा 2025 – श्री बागेश्वर बालाजी और श्री बांके बिहारी मिलन’ में शामिल हुईं। हजारों भक्तों की उपस्थिति में उन्होंने इस यात्रा को एक गहन आध्यात्मिक और भावनात्मक अनुभव बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पदयात्रा केवल आस्था का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सनातन चेतना का महोत्सव है—एक ऐसी परंपरा का उत्सव, जिसने सदियों से धर्म, कर्तव्य, करुणा और मानवता के मूल्यों के साथ लोगों को जोड़ा है।
इस ऐतिहासिक पदयात्रा का नेतृत्व बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कर रहे हैं। यात्रा कात्यायनी शक्तिपीठ से शुरू होकर वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर तक जाएगी। पूरे मार्ग में “जय श्री राम” और “हरि बोल” के जयकारों ने माहौल को भक्तिमय और ऊर्जा से भर दिया। भीड़ की भारी भागीदारी ने पदयात्रा को राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक उत्सव का रूप दे दिया।
कार्यक्रम में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और कपिल मिश्रा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पदयात्रा एक शक्तिशाली संदेश दे रही है—एकता, आस्था, सामाजिक सद्भाव और आध्यात्मिक जागरण का संदेश, जिसकी आज पूरे देश को विशेष आवश्यकता है। उन्होंने इसे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत और प्रेरक प्रतीक बताया।
अंत में मुख्यमंत्री ने श्री बागेश्वर बालाजी से प्रार्थना की कि वे दिल्ली और देश पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें, ताकि राष्ट्र शांति, सद्भाव, समृद्धि और जागृत आध्यात्मिक चेतना के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता आज छतरपुर स्थित कात्यायनी शक्तिपीठ में आयोजित ‘सनातन हिन्दू एकता पदयात्रा 2025 – श्री बागेश्वर बालाजी और श्री बांके बिहारी मिलन’ में शामिल हुईं। हजारों भक्तों की उपस्थिति में उन्होंने इस यात्रा को एक गहन आध्यात्मिक और भावनात्मक अनुभव बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पदयात्रा केवल आस्था का प्रदर्शन नहीं, बल्कि सनातन चेतना का महोत्सव है—एक ऐसी परंपरा का उत्सव, जिसने सदियों से धर्म, कर्तव्य, करुणा और मानवता के मूल्यों के साथ लोगों को जोड़ा है।
इस ऐतिहासिक पदयात्रा का नेतृत्व बागेश्वर धाम के आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री कर रहे हैं। यात्रा कात्यायनी शक्तिपीठ से शुरू होकर वृंदावन के श्री बांके बिहारी मंदिर तक जाएगी। पूरे मार्ग में “जय श्री राम” और “हरि बोल” के जयकारों ने माहौल को भक्तिमय और ऊर्जा से भर दिया। भीड़ की भारी भागीदारी ने पदयात्रा को राष्ट्रीय स्तर के आध्यात्मिक उत्सव का रूप दे दिया।
कार्यक्रम में दिल्ली के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा और कपिल मिश्रा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह पदयात्रा एक शक्तिशाली संदेश दे रही है—एकता, आस्था, सामाजिक सद्भाव और आध्यात्मिक जागरण का संदेश, जिसकी आज पूरे देश को विशेष आवश्यकता है। उन्होंने इसे भारत की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत और प्रेरक प्रतीक बताया।
अंत में मुख्यमंत्री ने श्री बागेश्वर बालाजी से प्रार्थना की कि वे दिल्ली और देश पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें, ताकि राष्ट्र शांति, सद्भाव, समृद्धि और जागृत आध्यात्मिक चेतना के मार्ग पर आगे बढ़ता रहे।







