नई दिल्ली, 9 अप्रैल 2026:
दिल्ली में हर साल मानसून के दौरान होने वाली जलभराव की समस्या को लेकर मुख्यमंत्री रेखा गुप्त ने सख्त रुख अपनाया है। सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए कि 30 जून तक नालों की सफाई हर हाल में पूरी की जाए और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बार जलभराव से निपटने के लिए केवल औपचारिक तैयारी नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर ठोस और समन्वित काम जरूरी है। उन्होंने सभी एजेंसियों—PWD, MCD, NDMC, DMRC और DDA—को मिलकर काम करने के निर्देश दिए, ताकि जिम्मेदारी तय हो और “ब्लेम गेम” की स्थिति खत्म हो।
बैठक में मिंटो रोड मॉडल की खास तौर पर चर्चा हुई, जहां पिछले साल बेहतर मॉनिटरिंग और समय पर कार्रवाई के चलते जलभराव नहीं हुआ। मुख्यमंत्री ने इसे पूरे दिल्ली में लागू करने पर जोर दिया और कहा कि अब स्थायी समाधान की दिशा में काम करना होगा, न कि केवल अस्थायी उपायों पर निर्भर रहना।
रेखा गुप्ता ने आधुनिक मशीनों और तकनीक के इस्तेमाल पर भी बल दिया, ताकि बारिश के दौरान पानी की निकासी तेजी से हो सके। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि मानसून के दौरान उन्हें फील्ड में मौजूद रहना होगा, क्योंकि वही जमीनी हालात को सबसे बेहतर समझ सकते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि सरकार अब ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिसमें पंप पर निर्भरता कम हो और एक मजबूत ड्रेनेज सिस्टम तैयार किया जाए। इसके लिए ड्रेनेज मास्टर प्लान को तेजी से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्लीवासियों को हर साल जलभराव की परेशानी से राहत दिलाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए इस बार कोई ढिलाई नहीं होगी।






