दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बार फिर अपराध जगत को करारा झटका देते हुए एक ऐसे कुख्यात अपराधी को दबोच लिया है, जिसके खिलाफ दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हत्या के प्रयास, डकैती, आर्म्स एक्ट उल्लंघन, चोरी और सेंधमारी जैसे संगीन अपराधों के कुल 73 मुकदमे दर्ज हैं।
जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी अब्दुल वकील उर्फ वकील (37 वर्ष), पुत्र इस्माइल, दिल्ली के मुस्तफाबाद और सीमापुरी का रहने वाला है। यह अपराधी पुलिस के लिए लंबे समय से सिरदर्द बना हुआ था। आरोपी की तलाश उस समय तेज हुई जब 13 मार्च 2025 को थाना सोनिया विहार में दर्ज एफआईआर संख्या 112/25 (धारा 331(4)/305 BNS) के मामले में जिला अपराध टीम द्वारा मौके से उठाए गए फिंगरप्रिंट आरोपी के ‘बाएं हाथ की अनामिका’ से मेल खा गए।
01 सितंबर 2025 को क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली कि वकील अपने ठिकाने मुस्तफाबाद में मौजूद है। इंस्पेक्टर सुनील कुमार भारद्वाज की देखरेख और एसीपी राजबीर मलिक के नेतृत्व में एसआई डेज़ी डागर, एएसआई उमेश कुमार और हेड कांस्टेबल संदीप, हरेंद्र, राजप्रकाश व प्रेम प्रकाश की टीम गठित की गई। टीम ने शास्त्री पार्क होते हुए मुस्तफाबाद पहुंचकर इलाके में दबिश दी। रणनीतिक तरीके से बिछाए गए जाल में वकील आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
इस बड़ी गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने एफआईआर संख्या 112/25, थाना सोनिया विहार का मामला सुलझा लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड उसके पेशेवर अपराधी होने की गवाही देता है और उसकी गिरफ्तारी से राजधानी में कई मामलों पर से पर्दा उठने की संभावना है।
दिल्ली पुलिस का मानना है कि इस तरह की कार्रवाइयां न सिर्फ अपराधियों में भय पैदा करती हैं बल्कि आम जनता में विश्वास भी मजबूत करती हैं।





