नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के रामजस कॉलेज में ‘भजन क्लबिंग’ के साथ दस दिवसीय सांस्कृतिक महोत्सव ‘वसंतोत्सव 2026’ का भव्य आगाज हुआ। इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह आयोजन युवा पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों, समृद्ध विरासत और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने की एक अनूठी पहल है, जो आधुनिक अभिव्यक्ति के साथ भक्ति और परंपरा को नए स्वरूप में प्रस्तुत कर रही है।
कार्यक्रम में कला, संस्कृति, भाषा एवं पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा की विशेष मौजूदगी रही। उद्घाटन समारोह में लीला बैंड की भक्ति संगीत प्रस्तुति ने पूरे परिसर को भक्तिमय माहौल में बदल दिया। बड़ी संख्या में मौजूद छात्र-छात्राओं के साथ मुख्यमंत्री और मंत्री ने भी भजन-कीर्तन में सहभागिता कर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ के माध्यम से युवाओं को संस्कृति और भक्ति से जोड़ने पर लगातार बल दिया है और भजन-कीर्तन को भारतीय संस्कृति की आत्मा बताया है। ‘वसंतोत्सव 2026’ उसी विचार को आगे बढ़ाते हुए युवाओं को अपनी परंपराओं से जोड़ने का सार्थक प्रयास है।
पर्यटन मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में दिल्ली सरकार 10 से 19 फरवरी तक चलने वाली इस सांस्कृतिक श्रृंखला के जरिए युवाओं को भारतीय परंपराओं और सांस्कृतिक मूल्यों से जोड़ रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली आज ‘भजन क्लबिंग’ के एक नए, ऐतिहासिक और युवाओं से जुड़े सांस्कृतिक आंदोलन की साक्षी बन रही है और भविष्य में ऐसे आयोजन लगातार आयोजित किए जाएंगे।
‘वसंतोत्सव 2026’ के अंतर्गत दिल्ली विश्वविद्यालय के यूनिवर्सिटी स्टेडियम परिसर सहित रामजस कॉलेज, दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज, एआरएसडी कॉलेज, शहीद सुखदेव कॉलेज, श्यामलाल कॉलेज, पीजीडीएवी कॉलेज और शिवाजी कॉलेज में भक्ति संगीत की श्रृंखला आयोजित की जा रही है। इस दौरान राघव राजा, इंडिया म्यूज़िक कलेक्टिव, साधो बैंड, रहस्य बैंड, केशवम् और SAM बैंड जैसे प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से युवाओं को आध्यात्मिक अनुभूति से जोड़ेंगे।
दिल्ली सरकार की यह पहल न केवल भक्ति और संस्कृति को आधुनिक मंच दे रही है, बल्कि युवाओं को भारतीय परंपराओं से जोड़ते हुए राजधानी को कला और संस्कृति की एक मजबूत पहचान भी प्रदान कर रही है।






