साइबर थाना पुलिस ने नो-ब्रोकर ऐप के जरिए चल रहे ऑनलाइन ठगी गिरोह का किया भंडाफोड़

दक्षिण-पश्चिम जिले के साइबर थाना पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताकर लोगों से उनके क्रेडिट कार्ड की जानकारी और ओटीपी हासिल कर हजारों रुपये की ठगी कर रहा था। इस हाई-टेक ठगी में नो-ब्रोकर ऐप के जरिए रकम को ट्रांसफर किया जाता था। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस, बैंक किट्स, नकली दस्तावेज, स्टाम्प और पेमेंट से जुड़े उपकरण बरामद किए हैं।

मामले की शुरुआत 20 जून 2025 को हुई, जब पालम कॉलोनी के एक व्यक्ति ने शिकायत दर्ज कराई कि एक कॉलर ने खुद को एक्सिस बैंक का कर्मचारी बताते हुए उनके खाते और क्रेडिट कार्ड की जानकारी दी। विश्वास में लेकर उन्हें रिवॉर्ड प्वाइंट रिडेम्पशन के नाम पर झांसे में लिया और 96,000 रुपये ठग लिए। जांच में खुलासा हुआ कि यह रकम नो-ब्रोकर मर्चेंट रेमिटर के जरिए यस बैंक के खाते में डाली गई, फिर इंडियन बैंक और यूनियन बैंक के खातों में ट्रांसफर कर एटीएम से निकाल ली गई।

जांच के दौरान पुलिस टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान की। मोहन गार्डन, उत्तम नगर में छापेमारी कर अतुल कुमार, सनी कुमार सिंह और कौशल कुमार को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि कौशल कुमार पूर्व में निजी बैंकों में काम कर चुका है और बैंक खातों को खुलवाने में माहिर है। उसने कई फर्जी फर्मों के नाम पर खाते खुलवाए और उन्हें गिरोह के सदस्यों को सौंपा।

इसके अलावा, सनी कुमार सिंह ने फर्जी जीमेल आईडी, जीएसटी सर्टिफिकेट और उद्यम सर्टिफिकेट बनाकर खातों की प्रक्रिया को पूरा किया। आरोपी ‘अतुल्य एंटरप्राइजेज’ नामक फर्म भी रजिस्टर कराने की कोशिश कर रहे थे ताकि करंट अकाउंट खोला जा सके।

पुलिस ने बाद में एक महिला को भी गिरफ्तार किया, जो इन फर्जी खातों की व्यवस्था करने में शामिल थी। महिला की निशानदेही पर एक अन्य आरोपी मोहम्मद अहमद को भी गिरफ्तार किया गया, जो पहले कॉल सेंटर में काम कर चुका है और खुद को बैंक कर्मचारी बताकर लोगों को ठगने में माहिर है। जांच में यह भी पता चला कि वह पहले से ही साइबर थाने में दर्ज एक अन्य मामले में वांछित था।

अब तक की गई कार्रवाई में पुलिस ने 10 मोबाइल फोन, 1 सिम कार्ड, 1 ब्रॉडबैंड, 7 बैंक किट्स, 10 अलग-अलग फर्मों की स्टाम्प, 1 पीओएस मशीन, 7 क्यूआर कोड स्कैनर, एक फर्म का पंपलेट और एक प्राइवेट बैंक कर्मचारी का आईडी कार्ड जब्त किया है।

फिलहाल पुलिस अन्य पीड़ितों की पहचान करने और इस साइबर गैंग के नेटवर्क को तोड़ने के लिए आगे की जांच में जुटी हुई है।

  • Leema

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