नई दिल्ली, 3 मार्च 2026। दिल्ली पुलिस के नॉर्थ-वेस्ट जिला द्वारा अपराध पीड़ितों के पुनर्वास और कल्याण के लिए एक सराहनीय पहल करते हुए अशोक विहार स्थित मंथन हॉल में ‘सोसायटी फॉर वेलफेयर ऑफ क्राइम विक्टिम्स’ की बैठक आयोजित की गई। इस अवसर पर 11 पीड़ित परिवारों को कुल 1.52 लाख रुपये की आर्थिक सहायता और एक सिलाई मशीन प्रदान की गई, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और अपने जीवन को नए सिरे से संवार सकें।
यह संस्था वर्ष 1990 में सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट, 1860 के तहत पंजीकृत की गई थी, जिसका उद्देश्य अपराध से प्रभावित परिवारों को समय पर राहत, आर्थिक सहायता, चिकित्सा सहयोग और कानूनी मदद उपलब्ध कराना है। संस्था की कार्यकारिणी समिति जरूरतमंद परिवारों की आर्थिक स्थिति का आकलन कर सहायता प्रदान करती है।
बैठक के दौरान पीड़ितों और उनके आश्रितों के कल्याण से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और यह सुनिश्चित करने पर बल दिया गया कि सहायता योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हो। इसके बाद विभिन्न थानों में दर्ज मामलों से जुड़े 11 परिवारों को आर्थिक मदद सौंपी गई। कुछ परिवारों को 50 हजार और 25 हजार रुपये तक की सहायता दी गई, जबकि अन्य को 5 से 10 हजार रुपये तक की राशि प्रदान की गई। एक जरूरतमंद परिवार को स्वरोजगार के लिए सिलाई मशीन भी भेंट की गई।
नॉर्थ-वेस्ट जिला के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त भिष्म सिंह ने कहा कि दिल्ली पुलिस न केवल कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है, बल्कि अपराध पीड़ितों के सम्मान और पुनर्वास के लिए भी समान रूप से संवेदनशील है। यह पहल सेवा-भाव और सामुदायिक पुलिसिंग की दिशा में एक मजबूत कदम है, जो पीड़ित परिवारों को सुरक्षा और संबल प्रदान करने के साथ-साथ समाज में विश्वास को भी सुदृढ़ करती है।






