नई दिल्ली, 10 जुलाई, 2025।
दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री देवेन्द्र यादव ने राजधानी में मानसून की पहली बारिश से हुए जलभराव पर भाजपा सरकार को आड़े हाथों लिया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और सुपर सीएम प्रवेश वर्मा ने सत्ता में आते ही बड़े-बड़े दावे किए थे कि अब दिल्ली में जलभराव और बाढ़ की समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन हकीकत में हालात और बदतर हो चुके हैं।
देवेन्द्र यादव ने कहा कि मानसून की पहली ही बारिश में राजधानी के कई इलाकों में ऐसी जलजमाव की स्थिति बनी कि सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और दुपहिया वाहन तक डूब गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि भाजपा की ट्रिपल इंजन सरकार मानसून से निपटने के नाम पर दिल्लीवासियों को गुमराह कर रही है और आम आदमी पार्टी की तर्ज पर अब भाजपा भी काम से ज्यादा बयानबाजी में लगी है।
उन्होंने आरोप लगाया कि शीला दीक्षित सरकार के दौरान बनाए गए ड्रेनेज मास्टर प्लान और उस पर बनी ITI की रिपोर्ट को आए सात साल हो चुके हैं, लेकिन न पिछली सरकार ने उसे लागू किया और न ही भाजपा सरकार कोई कदम उठा रही है। पीडब्लूडी, डीडीए और दिल्ली नगर निगम के डी-सिल्टिंग के दावों की पोल सड़कों पर बहता पानी और पुलों के नीचे बना तालाब खोल रहा है
यादव ने यह भी कहा कि हाई कोर्ट के निर्देशानुसार डी-सिल्टिंग पर थर्ड पार्टी ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक करना जरूरी है, लेकिन भाजपा सरकार भी आम आदमी पार्टी की तरह रिपोर्ट दबाकर बैठी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हर साल बाढ़ जैसे हालात के लिए पहले आम आदमी पार्टी जिम्मेदार थी और अब भाजपा। वजह साफ है कि सरकारें बदल गईं, लेकिन ठेकेदार और भ्रष्ट अफसरशाही वही की वही है।
देवेन्द्र यादव ने याद दिलाया कि कांग्रेस के 15 साल के शासन में कभी ऐसी विकराल स्थिति नहीं हुई थी, क्योंकि समय रहते नालों की सफाई और ड्रेनेज सुधार का काम होता था। लेकिन अब हर साल दिल्लीवासी जलभराव और ट्रैफिक जाम झेलने को मजबूर हैं।
उन्होंने कहा कि दिल्ली का दुर्भाग्य है कि जिस बदलाव की बात भाजपा कर रही थी, वह बदलाव सिर्फ सत्ता में दिखा, जमीनी हकीकत में नहीं। उन्होंने सरकार से मांग की कि ITI रिपोर्ट और डी-सिल्टिंग ऑडिट रिपोर्ट तुरंत सार्वजनिक की जाए ताकि लोगों को असली तस्वीर पता चल सके।





