नित नए आयाम रच रहीं हैं बुंदेलखंड की बहू
बुंदेलखंड से पहली महिला प्रोड्यूसर का तमगा जागृति को पहले से हासिल था, अब उन्होंने माइक्रो ड्रामा के क्षेत्र में इतिहास रच दिया है। जहां बड़े – प्रोड्यूसर अभी भी वर्टिकल शूट के बारे में जानकारी हासिल कर रहे हैं, उसके विषय में विचार कर रहे हैं। वहीं हमारे बुंदेलखंड की बहू और बेटी ने आगे बढ़ते हुए प्रतिष्ठित प्लेटफॉर्म कुकू एफ एम के टीवी वर्जन के लिए एक पारिवारिक सोशल ड्रामा बनाया, सीक्रेट ” परिवार ” जिसे लोग खूब पसंद कर रहे हैं। अब तक तीन लाख से ज्यादा लोग इसे देख चुके हैं। जहां एक तरफ अभी भी लोग बोल्ड और अश्लील कंटेंट को ही टीवी में सफलता की सीढ़ी मानते हैं, वहीं दूसरी ओर रुद्राक्षणम फिल्म्स के दोनों पार्टनर अभिषेक और जागृति परिवारिक और साफ सुथरी सीरीज बनाने में लगे हुए हैं।
चीन से शुरू हुआ माइक्रो ड्रामा का ट्रेंड दुनियाभर में देखने को मिल रहा है. लोगों को यह ड्रामा-फॉर्मेट पसंद आ रहा है। मिनी या माइक्रो ड्रामा आज के समय में मनोरंजन का सबसे लोकप्रिय जरिया बन गए हैं. ये अपने छोटे और तेज़-रफ्तार फॉर्मेट की वजह से दर्शकों को तुरंत आकर्षित करते हैं. जहां एक लंबी फिल्म को देखने के लिए 2 से 3 घंटे या किसी टीवी ड्रामा के एपिसोड के लिए 30 से 45 मिनट का समय चाहिए, वहीं माइक्रो ड्रामा का एक एपिसोड मु्श्किल से दो-तीन मिनट का होता है। आप अपने खाली समय में इसे कभी भी और कहीं भी देख सकते हैं. माइक्रो-ड्रामा की छोटी-छोटी कहानियां और ट्विस्ट भरे सीजन दर्शकों को बांधे रखते हैं. इनके किरदार गहरे और कहानियां रोमांचक होती हैं, जिससे दर्शकों को हर बार कुछ नया अनुभव होता है. इसके अलावा, ये माइक्रो ड्रामा समय और लागत दोनों के मामले में फिल्म इंडस्ट्री के लिए फायदेमंद साबित हो रहे हैं. चीन से शुरू हुआ माइक्रो ड्रामा का ट्रेंड अब दुनियाभर में बढ़ रहा है। साथ ही, यह इंडस्ट्री भी हर दिन बड़ी होती जा रही है। बता दें कि जून 2022 में माइक्रो ड्रामा की शुरुआत हुई थी।
माइक्रो-ड्रामा की कहानियां ज्यादातर वेब नॉवेल पर आधारित होती हैं। वेब नॉवेल में ट्विस्ट और ड्रामा भरा होता है, जो दर्शकों को बांधे रखता है. यह फॉर्मेट पिछले कई दशकों से ही चीन में लोकप्रिय है और अब इन कहानियों को फिल्म और टीवी में भी जगह मिल रही है। माइक्रो-ड्रामा की कहानियां कई बार लोगों को राहत देती हैं. खासकर, वे लोग जो अपने जीवन में तनाव का सामना कर रहे होते हैं, वे कहानियों से खुद को जोड़ पाते हैं।







