शंकर दयाल सिंह ने वी.पी. सिंह को जनता का सामना करने के लिए प्रेरित किया: रामबहादुर राय अध्यक्ष इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र

स्व० शंकर दयाल सिंह के 88 वें जन्मदिवस पर शंकर संस्कृति प्रतिष्ठान की ओर से प्रति वर्ष की तरह जारी शंकर दयाल स्मृति भाषण माला कड़ी में राष्ट्रीय स्मारकों का संरक्षण और देश का विकास विषय पर एक भाषण माला का आयोजन इंडिया इंटरनेशनल सेंटर , नई दिल्ली में किया गया। शंकर दयाल सिंह को दी गई श्रद्धांजलि की शुरुआत व्यक्तिगत शक्ति पर एक मार्मिक चिंतन से हुई।
शंकर दयाल सिंह की पोती रचिता ने साझा किया कि कैसे बचपन में उनका मजाक—उन्हें ‘बेकार बेटा’ कहना—ही वह प्रेरणा बन गई जिसने उन्हें औरंगाबाद से विश्व मंच तक ले जाने की ताकत दी। अपनी पुस्तक ‘Looking for Mahatma’ से पढ़ते हुए, उन्होंने बताया कि न्यूयॉर्क की एक लाइब्रेरी में उनके दुर्लभ पांडुलिपियों को खोजने ने उन्हें अपने घर से दूर भी एक अपनापन महसूस कराया।

उनके सार्वजनिक प्रभाव पर ध्यान केंद्रित करते हुए, मुख्य अतिथि रामबहादुर राय अध्यक्ष इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार ने राजनीतिक इतिहास के एक महत्वपूर्ण क्षण का खुलासा किया।उन्होंने उल्लेख किया कि जब वी.पी. सिंह जन मोर्चा के दिनों में दुविधा में थे, तब शंकर दयाल सिंह ने उन्हें जनता का सामना करने के लिए प्रेरित किया—एक निर्णायक कदम, जिसने अंततः राजीव गांधी के खिलाफ उनके राजनीतिक उदय को जन्म दिया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी क्या सच क्या झूठ आपातकाल क्यों क्या कैसे की अनुभूति जन्य सच्ची कहानी शंकर दयाल सिंह की सर्वश्रेष्ठ पुस्तक है जो इमरजेंसी की सच्चाई का वर्णन करती है

रतीश नंदा (अगा खान ट्रस्ट फॉर कल्चर) का तर्क था कि विरासत को केवल “सिर्फ सिमेंट के टन” से नहीं बचाया जाता, बल्कि पारंपरिक कारीगरों को सशक्त बनाकर ही इसे सुरक्षित किया जा सकता है। उन्होंने सुंदर नर्सरी के परिवर्तन को उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया और कहा कि संरक्षण के लिए कौशल की आवश्यकता होती है, सिर्फ संवर्धन की नहीं। सत्र के समापन पर, शंकर दयाल सिंह के पुत्र, रंजन कुमार सिंह ने श्रोताओं को याद दिलाया कि दिल्ली स्वयं ही एक परतदार इतिहास है—सात प्राचीन शहरों का मिश्रण जो आधुनिक युग में आज भी जीवित हैं।

कार्यक्रम में सत्यनारायण जटिया पूर्व केंद्रीय मंत्री सदस्य केंद्रीय संसदीय बोर्ड भारतीय जनता पार्टी विनय कुमार सिंह डायरेक्टर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन नई दिल्ली, पूर्व आईपीएस दिल्ली पुलिस महानिदेशक आमोद कंठ सहित देश -विदेश से दिग्गज हस्तियों ने आकर शंकर दयाल सिंह के प्रति अपनी आस्था का परिचय दिया।

बिहार के विभिन्न राज्यों सहित देश के विभिन्न भागों में डिज़िटल माध्यम से हजारों लोगो ने शामिल होकर स्व० शंकर दयाल सिंह के प्रति अपने अगाध प्यार एवं श्रद्धा दिखाई।
नई दिल्ली से विजय गौड़ ब्यूरो चीफ की विशेष रिपोर्ट

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