नई दिल्ली, 20 फरवरी 2026। राजधानी दिल्ली में छिपकर रह रहे एक कुख्यात अंतरराज्यीय लुटेरे को क्राइम ब्रांच ने धर दबोचा है। पश्चिमी रेंज-2 (WR-II) की टीम ने पुख्ता गुप्त सूचना के आधार पर बिहार के साहarsa निवासी 27 वर्षीय आरोपी अभिषेक झा उर्फ अभिषेक कुमार झा को विवेक विहार इलाके से गिरफ्तार किया। आरोपी बिहार के सुपौल, अररिया और सहरसा जिलों में लूट, डकैती और जानलेवा हमलों की कई वारदातों में वांछित था।
पुलिस के अनुसार, अभिषेक झा के खिलाफ थाना सुपौल में दर्ज एफआईआर संख्या 280/2025 (दिनांक 07.12.2025) में घातक हथियार पिस्टल के बल पर लूट का मामला दर्ज है, जिसमें बीएनएस की धारा 309(6) और आर्म्स एक्ट की धारा 27 शामिल है। इसके अलावा वह तीन अन्य लूट के मामलों में भी फरार चल रहा था। वर्ष 2021 में अररिया, बिहार में 84 लाख रुपये की सनसनीखेज बैंक लूट में भी उसकी संलिप्तता सामने आ चुकी है।
क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि हाल ही में सुपौल जिले के बिहरा क्षेत्र में हथियार के बल पर लूट की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी दिल्ली भाग आया है और यहां पहचान छिपाकर रह रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए बिहार पुलिस क्राइम ब्रांच के अनुरोध पर दिल्ली क्राइम ब्रांच की WR-II टीम ने विशेष अभियान चलाया। स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया गया और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रैक की गई।
17 फरवरी 2026 को एसआई मनोज को विश्वसनीय सूचना मिली कि आरोपी विवेक विहार क्षेत्र में आने वाला है। एसीपी राजपाल डाबस के पर्यवेक्षण में इंस्पेक्टर अक्षय गहलौत के नेतृत्व में टीम गठित की गई, जिसमें एसआई मनोज मीना, हेड कांस्टेबल सुशील, नवीन, महिला कांस्टेबल किरण और तकनीकी सहयोग के लिए हेड कांस्टेबल भंवर शामिल थे। बिहार पुलिस की टीम भी अभियान में साथ रही। रणनीतिक तरीके से जाल बिछाकर निगरानी की गई और कुछ ही देर में आरोपी को दबोच लिया गया। पूछताछ और सत्यापन के बाद उसकी पहचान की पुष्टि हुई।
जांच में सामने आया है कि आरोपी अपने साथियों के साथ मिलकर पहले आसान और कमजोर लक्ष्य तलाशता था, फिर हथियार के बल पर लूट या डकैती को अंजाम देकर तुरंत फरार हो जाता था। उसके खिलाफ आईपीसी और बीएनएस की विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं, जो उसे एक शातिर और आदतन अपराधी साबित करते हैं।
गिरफ्तारी के बाद बिहार के संबंधित थानों और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया। सहरसा क्राइम ब्रांच की टीम दिल्ली पहुंची और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद आरोपी को अपने साथ ले गई है।
क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई ने अंतरराज्यीय अपराध नेटवर्क को बड़ा झटका दिया है और यह दर्शाता है कि कानून से बचने के लिए राज्य बदल लेना भी अब अपराधियों को सुरक्षित नहीं रख सकता। दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर साबित किया है कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए उसकी कार्रवाई तेज, समन्वित और प्रभावी है।






