दिल्ली के आशोक विहार इलाके में हुई महंगी ज्वेलरी चोरी की गुत्थी को पुलिस ने सुलझा लिया है। थाना आशोक विहार की टीम ने तेज जांच, तकनीकी सुराग और लगातार दबिशों के बाद एक महिला चोर और एक ज्वेलर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई सोने की एक लॉकेट और एक जोड़ी इयर चेन भी बरामद की है। बाकी चोरी की ज्वेलरी बरामद करने और महिला के फरार पति को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी जारी है।
यह मामला तब सामने आया जब 10 अक्टूबर 2025 को complainant निपुण नरूला की मां ने देखा कि उनके दो सोने के कड़े घर से गायब हैं। पहले उन्हें लगा कि शायद कहीं रखकर भूल गई हों, लेकिन ढूंढने पर भी वे नहीं मिले। बात यहीं नहीं रुकी। दिवाली की रात 25 अक्टूबर को जब घर वालों ने सभी सामान को फिर से जांचा तो पाया कि दस सोने के सिक्के, एक मंगलसूत्र, सोने की चेन, लॉकेट और एक नेकलेस भी गायब थे। संदेह घर में काम करने वाली चार घरेलू सहायिकाओं पर गया, जिनमें से एक, रानी नाम की महिला, घटना के बाद 31 अक्टूबर से काम पर आना बंद कर चुकी थी और मोबाइल भी बंद कर दिया था।
निपुण की शिकायत के बाद थाना आशोक विहार में मामला दर्ज किया गया और SHO प्रमोद कुमार की अगुवाई में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने घर और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, स्थानीय मुखबिरों को सक्रिय किया और कई जगह छापेमारी की। लगातार मेहनत के बाद जांच महिला घरेलू सहायिका नूर बानो उर्फ रानी पर जाकर टिक गई। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, जहां पूछताछ में उसने चोरी की बात कबूली और बताया कि सोने के गहने उसने अपने पति के साथ मिलकर चोरी किए थे।
उसने यह भी खुलासा किया कि चोरी की ज्वेलरी उसने जहांगीरपुरी के ज्वेलर हसन अली को बेच दी थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने सोने का लॉकेट और सोने की इयर चेन बरामद कर ली और ज्वेलर को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में पता चला कि दोनों आरोपी आसान पैसे कमाने और अपनी आलीशान जीवनशैली चलाने के लिए चोरी करते थे।
फिलहाल नूर बानो का पति फरार है और बाकी चोरी के सोने के साथ भाग गया है। पुलिस उसकी तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है।






