दिल्ली के साइबर पुलिस स्टेशन (दक्षिण जिला) ने एक ऐसे फर्जी जॉब रैकेट का भंडाफोड़ किया है, जो पिछले एक साल से बेरोजगार युवाओं को इंडिगो एयरलाइंस में नौकरी दिलाने के नाम पर ठग रहा था। पुलिस कार्रवाई में इस गिरोह के मास्टरमाइंड विकाश कुमार उर्फ विक्की, एक टेलीकॉम कंपनी में काम करने वाला कर्मचारी बलजीत सिंह और सात महिला टेलीकॉलर सहित कुल नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी मिलकर पश्चिम दिल्ली से एक अवैध कॉल सेंटर चला रहे थे।
शिकायतकर्ता अमरजीत यादव को तब ठगी का पता चला जब OLX पर नौकरी की तलाश के दौरान उन्हें कॉल आई और उनसे यूनिफॉर्म व अन्य औपचारिकताओं के नाम पर 11 हजार रुपये ठग लिए गए। शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर गिरोह की लोकेशन तलाश की और छापेमारी की।
छापेमारी में पुलिस को 22 मोबाइल फोन, कंप्यूटर, 19 सिम कार्ड, आठ UPI आईडी, QR कोड, कॉल स्क्रिप्ट और एक वाई-फाई राउटर मिला, जिनका इस्तेमाल ठगी में किया जा रहा था। जांच में खुलासा हुआ कि OLX और दूसरे पोर्टल्स पर फर्जी नौकरी के विज्ञापन डालकर यह गिरोह बड़ी संख्या में युवाओं से संपर्क करता था। टेलीकॉलर्स खुद को इंडिगो एयरलाइंस का एचआर बताकर नौकरी का भरोसा दिलाती थीं।
ठगों की चाल तीन स्टेप में आगे बढ़ती थी। पहले सिक्योरिटी अमाउंट के नाम पर 2,500 रुपये, फिर यूनिफॉर्म और जूतों के लिए 5,000 से 8,000 रुपये, और अंत में सैलरी अकाउंट खोलने के नाम पर 10,000 से 15,000 रुपये वसूले जाते थे। छोटी रकम देने पर कई पीड़ित शिकायत करने से हिचकते थे, और इसी खामोशी का फायदा उठाकर गिरोह लंबे समय तक सक्रिय रहा।
जांच में यह भी साबित हुआ कि टेलीकॉम कर्मचारी बलजीत सिंह ने असली ग्राहकों की बायोमेट्रिक जानकारी का दुरुपयोग कर फर्जी सिम कार्ड जारी किए थे, जिन्हें बाद में इसी रैकेट को दे दिया जाता था। तकनीकी विश्लेषण में अब तक 40 से ज्यादा शिकायतें इस गिरोह से जुड़ चुकी हैं।
पुलिस ने लोगों को चेतावनी दी है कि किसी भी नौकरी के लिए पैसे न दें, और OLX या सोशल मीडिया पर मिलने वाले ऑफर्स की अच्छी तरह जांच करें। संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।






