दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी कार्रवाई में कुख्यात साइबर ठग मुनीर खान उर्फ साहिल शर्मा को गिरफ्तार कर गुरुग्राम स्थित एक फर्जी मैनपावर रिक्रूटमेंट कंपनी का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह देशभर में साइबर ठगी के जरिए लाखों रुपये हड़पने में लिप्त था और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 85 से अधिक शिकायतों से जुड़ा हुआ है।
यह मामला उस समय सामने आया जब एक शिकायतकर्ता का आईफोन 22 मई 2025 को चोरी हो गया। फोन उसके बैंक खाते से लिंक था। 26 मई को डुप्लीकेट सिम लेने के बाद पीड़ित के पास 9 संदिग्ध यूपीआई लेन-देन के अलर्ट आए, जिनमें कुल ₹3,98,709/- की ठगी की गई थी। पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
इंस्पेक्टर मंजीत कुमार के नेतृत्व और एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में एसआई सतवंत सिंह, एएसआई महेश बंशोद, हेड कांस्टेबल पर्नाम, हेड कांस्टेबल कमल, कांस्टेबल रवि और कांस्टेबल सचिन की टीम ने तकनीकी और मानवीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर ठगी की रकम का पता लगाया। जांच में सामने आया कि धोखाधड़ी से निकाली गई रकम विभिन्न खातों में ट्रांसफर की गई, जिसमें एक खाता—तेलंगाना स्थित—में ₹1 लाख भेजा गया और वहां से रकम मेरैकी मैनपावर सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के खाते में स्थानांतरित हुई।
KYC की जांच में पता चला कि कंपनी का पंजीकृत पता खाली पड़ा है। लगातार निगरानी और सुराग जुटाने के बाद पुलिस ने गुरुग्राम के स्पेज़ आईटी पार्क में इस कंपनी के संचालन का पता लगाया। छापेमारी के दौरान 33 वर्षीय मुनीर खान उर्फ साहिल शर्मा को गिरफ्तार कर लिया गया। वह पलवल (हरियाणा) के असोटी गांव का रहने वाला है और पहले एक दुष्कर्म के मामले में 4.5 साल जेल में रह चुका है।
मुनीर खान ने अपने साथियों शुभम, मुकीम और मुंजीर के साथ मिलकर इस कंपनी को साइबर ठगी के पैसे को सफेद करने के लिए बनाया था। कंपनी के नाम पर कई चालू खाते खोले गए थे, ताकि पैसों के स्रोत को छिपाया जा सके।
पुलिस ने मौके से चार डेबिट कार्ड और चार अलग-अलग बैंकों के करीब 200 चेक बरामद किए। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इस कंपनी के खातों का उपयोग देशभर में हुई दर्जनों साइबर ठगी की रकम को घुमाने और निकालने में किया गया है। फिलहाल ठगी की कुल राशि का आंकलन जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है।







