दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने करोल बाग इलाके में कार से लगभग एक करोड़ रुपये के जेवरात चोरी के सनसनीखेज मामले का पर्दाफाश करते हुए ‘ठक-ठक गैंग’ के कुख्यात सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली निवासी टी. सरथ कुमार (31) के रूप में हुई है। आरोपी के कब्जे से करीब 35 लाख रुपये के चोरी किए गए जेवरात भी बरामद हुए हैं।
यह चोरी 14 नवंबर को करोल बाग इलाके में तब हुई थी जब ज्वेलरी कारोबारी शुभम कोटवाला आईजीआई लैब से 62 ज्वेलरी आइटम और उनके ग्रेडिंग सर्टिफिकेट लेकर अपनी कार से एक नजदीकी दुकान जाने के लिए कुछ देर बाहर गए थे। वापस लौटने पर उन्होंने कार का शीशा टूटा पाया और ज्वेलरी से भरा बैग गायब था। मामले की गंभीरता को देखते हुए करोल बाग थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई।
क्राइम ब्रांच की एंटी-एक्सटॉर्शन और किडनैपिंग सेल की टीम ने इस केस को सुलझाने के लिए 100 से अधिक CCTV फुटेज खंगाले और तमिलनाडु स्थित ठक-ठक गैंग की गतिविधियों को ट्रैक किया। तकनीकी निगरानी और लगातार प्रयासों के बाद आरोपी सरथ कुमार का लोकेशन दिल्ली के निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन के आसपास मिली। टीम ने योजना बनाकर वहां दबिश दी और आरोपी को 15 दिसंबर को गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी सरथ कुमार और उसका गिरोह दिल्ली-NCR और अन्य सम्पन्न इलाकों में पार्क की गई कारों को निशाना बनाते हैं। यह गिरोह आकर कार का शीशा तोड़कर बैग और कीमती सामान चोरी कर लेता है। आरोपी के खिलाफ दिल्ली के कई थानों में कुल आठ मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से चार मामलों में उसे कोर्ट ने भगोड़ा घोषित कर रखा है।
क्राइम ब्रांच के मुताबिक यह गिरफ्तारी गिरोह की बड़ी कड़ी है, और इससे चोरी किए गए जेवरात का बड़ा हिस्सा बरामद हो गया है। पुलिस अब आरोपी के साथ जुड़े अन्य सदस्यों और चोरी की शेष संपत्ति की तलाश जारी रखे हुए है। दिल्ली क्राइम ब्रांच की यह कार्रवाई शहर में सक्रिय अंतरराज्यीय अपराध गिरोहों के खिलाफ बड़ी सफलताओं में से एक मानी जा रही है।




