दिल्ली पुलिस की थाना सराय रोहिल्ला और नॉर्थ जिले की स्पेशल स्टाफ की संयुक्त टीम ने दिनदहाड़े 60 लाख रुपये की सशस्त्र लूट की वारदात का खुलासा करते हुए सात कुख्यात अपराधियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि शिकायतकर्ता की फर्म में काम करने वाला कर्मचारी ही इस वारदात का मास्टरमाइंड निकला, जिसने अंदर की जानकारी देकर पूरी साजिश रची।
7 जनवरी 2026 को मोबाइल एक्सेसरीज़ की दुकान में काम करने वाले कर्मचारी संदीप अपने सहकर्मी शिवा के साथ रोहिणी सेक्टर-8 से 60 लाख रुपये की नकदी लेकर करोल बाग स्थित ऑफिस जा रहे थे। दोपहर करीब 1:45 बजे सुभद्रा कॉलोनी स्थित सर्वोदय कन्या विद्यालय के सामने बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और पिस्टल की नोक पर पूरी रकम लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद सराय रोहिल्ला थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस ने रोहिणी से घटनास्थल तक 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और 50 से ज्यादा संदिग्धों से पूछताछ की। तकनीकी जांच के दौरान शक की सुई सहकर्मी शिवा पर गई। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने कबूल किया कि उसने ही अपने पड़ोसियों और कुख्यात अपराधियों को नकदी ले जाने की सूचना दी थी। शिवा की निशानदेही पर राजीव और करण को गिरफ्तार किया गया और उनके पास से लाखों रुपये बरामद हुए।
आगे की कार्रवाई में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर हिंदू राव अस्पताल के पास से चार और बदमाशों—कर्नैल सिंह, राहुल उर्फ छोटू पहाड़ी, रोहित उर्फ सनी सचदेवा और नसीम उर्फ कल्लू—को उस समय दबोचा जब वे दिल्ली छोड़कर भागने की फिराक में थे। इनके कब्जे से लूटी गई रकम का बड़ा हिस्सा बरामद हुआ। कुल मिलाकर 28,12,800 रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल स्कूटी और होंडा सिटी कार जब्त की गई है।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि शिवा ने कंपनी की नकदी के मूवमेंट की पूरी जानकारी गिरोह को दी थी। योजना के तहत कुछ आरोपी पीछा कर रहे थे, जबकि दो बदमाशों ने मौके पर पिस्टल दिखाकर लूट को अंजाम दिया। बाद में लूटी गई रकम आपस में बांट ली गई। जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह करोल बाग इलाके में दो करोड़ रुपये की एक और बड़ी लूट की साजिश रच रहा था, जिसे पुलिस ने समय रहते नाकाम कर दिया।
गिरफ्तार सभी आरोपी दिल्ली-एनसीआर में स्नैचिंग, सशस्त्र लूट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में पहले से वांछित हैं। कई आरोपी घोषित बदमाश (बीसी) और उद्घोषित अपराधी भी हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य संपर्कों और आपराधिक नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।
दिल्ली पुलिस ने इस कार्रवाई को संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता बताते हुए साफ किया है कि राजधानी में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है और ऐसे गिरोहों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





