नई दिल्ली — राजधानी को आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल शहर बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने वर्ष 2026-27 का ₹1,03,700 करोड़ का बजट पेश किया। यह दिल्ली का पहला ‘ग्रीन बजट’ है, जिसमें कुल व्यय का 21.44% यानी ₹22,236 करोड़ पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के लिए निर्धारित किया गया है।
इस बजट में शिक्षा को सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है। करीब ₹19,148 करोड़ के प्रावधान के साथ स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, स्मार्ट क्लासरूम बढ़ाने और तकनीक आधारित पढ़ाई को बढ़ावा देने की योजना बनाई गई है। कक्षा 9 की लगभग 1.3 लाख छात्राओं को मुफ्त साइकिल और कक्षा 10 के मेधावी छात्रों को लैपटॉप देने की घोषणा की गई है, जिससे शिक्षा में पहुंच और गुणवत्ता दोनों बेहतर होंगी।
स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए ₹12,645 करोड़ आवंटित किए गए हैं। सरकार 750 नए ‘आयुष्मान आरोग्य मंदिर’ स्थापित करेगी और ‘ANMOL’ योजना के तहत नवजात शिशुओं की बीमारियों की मुफ्त जांच की सुविधा शुरू की जाएगी। इसके अलावा अस्पतालों के विस्तार, ICU सुविधाओं और दवाइयों की उपलब्धता पर भी विशेष ध्यान दिया गया है।
इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए सड़कों और फ्लाईओवर पर बड़ा निवेश किया गया है। 750 किलोमीटर सड़कों का पुनर्निर्माण किया जाएगा और नए फ्लाईओवर व अंडरपास बनाए जाएंगे। वहीं, परिवहन क्षेत्र में 12,000 इलेक्ट्रिक बसों का लक्ष्य तय किया गया है, जिससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।
जल आपूर्ति और सीवरेज सिस्टम को बेहतर बनाने के लिए भी कई योजनाएं लाई गई हैं। दिल्ली जल बोर्ड को ₹9,000 करोड़ दिए गए हैं, जिससे पानी की सप्लाई बढ़ाने और लीकेज कम करने पर काम होगा। साथ ही सीवेज ट्रीटमेंट क्षमता को भी बड़े स्तर पर बढ़ाया जाएगा।
सामाजिक कल्याण के तहत महिलाओं, बच्चों और कमजोर वर्गों के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। महिला समृद्धि योजना, मुफ्त बस यात्रा, एलपीजी सिलेंडर और ‘लखपति बिटिया’ जैसी योजनाएं समाज के हर वर्ग को सशक्त बनाने की दिशा में कदम हैं। सुरक्षा के लिए 50,000 नए CCTV कैमरे और वन स्टॉप सेंटर भी स्थापित किए जाएंगे।
शासन व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए 13 जिलों में मिनी सचिवालय बनाए जाएंगे और ‘भू-आधार’ के जरिए सभी संपत्तियों को यूनिक आईडी दी जाएगी। डिजिटल और पारदर्शी प्रशासन के लिए नई पहलें भी शामिल हैं।
उद्योग, पर्यटन और हरित विकास पर भी सरकार का विशेष ध्यान है। MSME, स्टार्टअप, फिल्म पॉलिसी और इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल जैसे कदम दिल्ली को नई पहचान देने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बजट दिल्ली को एक ग्लोबल, क्लीन और समावेशी राजधानी बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जो न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगा बल्कि भविष्य की मजबूत नींव भी रखेगा।




