नई दिल्ली में एक बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए Chief Minister’s Office Delhi ने राजधानी की हर जमीन को 14 अंकों की विशिष्ट पहचान देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री Rekha Gupta ने घोषणा की कि अब प्रत्येक भूखंड को यूनिक लैंड पार्सल आइडेंटिफिकेशन नंबर (ULPIN) दिया जाएगा, जिसे ‘भू आधार’ के नाम से लागू किया जाएगा। इस व्यवस्था से जमीन के रिकॉर्ड पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और सुरक्षित हो जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘भू आधार’ प्रणाली सीमा विवादों, फर्जी रजिस्ट्रेशन और भूमि से जुड़े भ्रष्टाचार पर प्रभावी रोक लगाएगी। ड्रोन सर्वे और हाई-रिजॉल्यूशन इमेजरी की मदद से राजधानी का नया डिजिटल लैंड मैप तैयार किया जाएगा, जिससे हर भूखंड की सटीक जियो-रेफरेंसिंग संभव होगी। यह पहल प्रधानमंत्री Narendra Modi के ‘डिजिटल इंडिया’ विजन को जमीन पर उतारने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
सरकार ने इस योजना को मिशन मोड में लागू करने का निर्णय लिया है। राजस्व विभाग की आईटी शाखा भारतीय सर्वेक्षण विभाग के सहयोग से इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे दिल्ली में लागू करेगी। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘भू आधार’ केवल एक नंबर नहीं, बल्कि हर नागरिक की संपत्ति की सुरक्षा और पारदर्शी प्रशासन की मजबूत नींव है। अब दिल्ली की हर इंच जमीन का डिजिटल हिसाब होगा, जिससे आम लोगों को बार-बार दस्तावेज़ी झंझट से राहत मिलेगी और भूमि अधिकार अधिक सुरक्षित होंगे।






