दिल्ली क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम ने एक बड़ी सफलता दर्ज करते हुए 34 आपराधिक मामलों में वांछित और 6 मामलों में प्रोक्लेम्ड ऑफेंडर संजय उर्फ झल्लू को पंजाब के मंडी गोविंदगढ़ से गिरफ्तार कर लिया। संजय लंबे समय से दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। यूपी पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर इनाम भी घोषित कर रखा था।
क्राइम ब्रांच को आरोपी के पंजाब में छिपे होने की गुप्त सूचना मिली, जिसके बाद एसीपी भगवती प्रसाद की निगरानी में इंस्पेक्टर पवन कुमार, एसआई राजा राम और टीम ने लगातार दो सप्ताह तक तकनीकी और जमीनी स्तर पर काम किया। जांच में पता चला कि झल्लू हर कुछ दिनों में अपनी लोकेशन बदलता था और दिल्ली–हरियाणा–पंजाब–यूपी के बीच घूमते हुए संगठित अपराध को अंजाम देता था।
टीम ने पंजाब पहुँचकर स्थानीय इनपुट और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर उसकी मौजूदगी की पुष्टि की। फिर 7 दिसंबर को उसके ठिकाने पर दबिश दी गई और पहचान की पुष्टि के बाद उसे पकड़ लिया गया।
पूछताछ में संजय ने कबूला कि उसने 6वीं तक पढ़ाई की और आर्थिक तंगी के कारण अपने गाँव जिंझाना (शामली, यूपी) के कई युवकों के साथ मिलकर स्नैचिंग, लूट और हथियारों से जुड़ी वारदातें शुरू कर दीं। वह 2011 से लेकर अब तक दिल्ली, यूपी, पंजाब, चंडीगढ़ और दक्षिण भारत में कई अपराधों में शामिल रहा। जमानत पर बाहर आते ही वह दोबारा अपराध में लौट जाता था और कोर्ट में पेश नहीं होता था।
संजय उर्फ झल्लू दिल्ली में 18 और अन्य राज्यों में 16 गंभीर मामलों— जिनमें हत्या का प्रयास, लूट, स्नैचिंग, चोरी, नकबज़नी और आर्म्स एक्ट शामिल हैं— में शामिल पाया गया है। दिल्ली के कई थानों में उसके खिलाफ NBW और PO की कार्रवाई चल रही थी।
दिल्ली क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई ने इंटरस्टेट अपराधों को अंजाम देने वाले एक बड़े नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा।






