नई दिल्ली, 6 नवंबर 2025 – केंद्रीय जिले की स्पेशल स्टाफ टीम ने एक संगठित इंटरस्टेट गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मोबाइल टावर बैटरी चोरी के व्यापक रैकेट का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पांच फरार आरोपियों की तलाश जारी है। टीम ने 17 चोरी की गई मोबाइल टावर बैटरियां और एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है।
मामला तब सामने आया जब 4 अक्टूबर को स्पेशल स्टाफ को सूचना मिली कि चोरी की मोबाइल टावर बैटरियां अवैध रूप से बेची जा रही हैं। सूत्रों ने बताया कि भजनपुरा निवासी अकील, चोरी की बैटरियां मुस्तफाबाद निवासी शानू उर्फ सोनू से खरीदकर ई-रिक्शा व्यवसाय चलाने वाले लालधड़ सैनी उर्फ नटी को बेचता है। सूचना थी कि अकील रात में प्रेस रोड पर बैटरियां सप्लाई करने आने वाला है।
इस आधार पर इंस्पेक्टर रोहित कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। शाम को प्रेस रोड, कमला मार्केट में जाल बिछाकर पुलिस ने अकील को मोटरसाइकिल पर दो बैटरियां लाते देखा और मौके पर ही उसे व नटी को गिरफ्तार कर लिया। उनकी हिरासत से दो BSNL बैटरियां और बाइक जब्त की गई।
पूछताछ में मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने करीब दस घंटे की निगरानी और तकनीकी ट्रैकिंग के बाद गाजियाबाद निवासी शानू उर्फ सोनू को करावल नगर के कूड़ा खत्ता इलाके से गिरफ्तार किया। बाद में उसकी मुस्तफाबाद स्थित दुकान से दस मोबाइल टावर बैटरियां बरामद की गईं। इसके बाद टीम ने एक और आरोपी ताहिर के ठिकाने पर छापा मारकर पांच बैटरियां बरामद कीं, हालांकि ताहिर मौके से फरार हो गया।
गिरफ्तार अकील ने खुलासा किया कि वह पिछले पांच वर्षों से कबाड़ के कारोबार में है और अधिक कमाई के लिए चोरी की मोबाइल टावर बैटरियों के नेटवर्क से जुड़ गया था। उसने बताया कि वह बैटरियां सोनू, ताहिर और दिलशाद से खरीदकर ई-रिक्शा मैकेनिकों और कबाड़ी बाजारों में बेचता था। वहीं सोनू ने बताया कि उसने भगिरथी विहार–कूड़ा खत्ता कबाड़ी बाजार से दस बैटरियां खरीदी थीं, जिन्हें उसकी दुकान से पुलिस ने बरामद किया।
पुलिस द्वारा की गई इस कार्रवाई से दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद के चार बड़े चोरी के मामलों का समाधान हो गया है। स्पेशल स्टाफ की यह सफलता न केवल चोरी के संगठित रैकेट को तोड़ने में महत्वपूर्ण साबित हुई है, बल्कि उन सप्लायरों, खरीदारों और कबाड़ी नेटवर्क को भी उजागर करती है जो वर्षों से इस गैरकानूनी धंधे में शामिल थे।
केंद्रीय जिला डीसीपी निधिन वलसन (IPS) ने बताया कि पुलिस इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए आगे भी सघन अभियान चला रही है और फरार आरोपियों की तलाश जारी है।







