दिल्ली विधानसभा ने आगामी शीतकालीन सत्र से पहले अपने विधायी कामकाज को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। दिल्ली विधानसभा सचिवालय में आयोजित डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष श्री विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि “हम जितने भी दस्तावेज़ डिजिटाइज करते हैं, उतना ही पर्यावरण के प्रति अपनी एक बड़ी जिम्मेदारी निभाते हैं।”
इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) के उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। आईटी विभाग के अधिकारियों ने सोशल वेलफेयर, एससी-एसटी वेलफेयर, कोऑपरेटिव, चुनाव, विधि एवं न्याय, श्रम, रोजगार, विकास, कला-संस्कृति-भाषा, पर्यटन, उद्योग, खाद्य आपूर्ति और पर्यावरण सहित कई विभागों के अधिकारियों को डिजिटल विधायी प्रक्रिया से जुड़े सभी महत्वपूर्ण मॉड्यूल समझाए। शेष विभागों के अधिकारियों को प्रशिक्षण कल दिया जाएगा, ताकि सत्र शुरू होने से पहले सभी विभाग पूरी तरह तैयार हों।
विधानसभा अध्यक्ष ने अधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि यह परिवर्तन न केवल पर्यावरण को लाभ देगा, बल्कि विभागों और विधानसभा के बीच कामकाज को कहीं अधिक तेज़, पारदर्शी और सुगम बनाएगा। उन्होंने बताया कि पहले जहां प्रश्नोत्तर, बिल, विशेष उल्लेख, टेबल पर रखे जाने वाले दस्तावेज और अन्य विधानसभा कार्यवाही भारी मात्रा में कागज़ पर छपकर आते थे, अब ये सभी प्रक्रियाएं NeVA के माध्यम से पूरी तरह डिजिटल होंगी। इससे समय की बचत होगी और जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।
दिल्ली विधानसभा ने स्पष्ट किया है कि वह पर्यावरण संरक्षण, सुशासन में नवाचार और लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि विभागों की सक्रिय भागीदारी के साथ दिल्ली विधानसभा एक पेपरलेस और भविष्य-तैयार मॉडल की ओर बढ़ रही है, जो देश की अन्य विधानसभाओं के लिए एक प्रेरणा बनेगी।





