द्वारका जिला पुलिस की एंटी-बर्गलरी सेल ने एक वर्ष से फरार चल रहे सक्रिय चोर नईम को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। आरोपी नईम पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित था और 16 मई 2025 को द्वारका कोर्ट की ओर से उसे घोषित अपराधी (Proclaimed Offender) घोषित किया गया था। पुलिस टीम ने उसकी गिरफ्तारी के साथ करीब 100 ग्राम सोना, जिसमें पिघला हुआ सोना भी शामिल है, बरामद किया है।
करीब एक वर्ष पहले भारत वंदना अपार्टमेंट्स, सेक्टर-19 द्वारका में शिकायतकर्ता सुभाष चंद्र पांडे के घर से सोने-चांदी के गहने चोरी किए गए थे, जब वे घर से बाहर थे। इस मामले में पहले दो आरोपी वसीम उर्फ चपटा और फर्जान अली तथा एक सुनार मनीष गिरफ्तार किए जा चुके थे, लेकिन चोरी गए गहनों की पूरी रिकवरी नहीं हो सकी थी। मामला आगे की जांच के लिए DCP द्वारका अंकित सिंह के निर्देश पर एंटी-बर्गलरी सेल को सौंपा गया।
जांच के दौरान यह खुलासा हुआ कि चोरी का हिस्सा आरोपी नईम और अकील को दिया गया था, जो उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सक्रिय रूप से चोरी की वारदातों में शामिल थे। टीम लगातार एक साल तक उनकी तलाश में यूपी के कई जिलों में दबिश देती रही। इसी बीच सूचना मिली कि नईम राजस्थान के सीकर जेल में बंद है। कोर्ट से प्रोडक्शन वारंट जारी कर उसे गिरफ्तार किया गया।
दो दिन की पुलिस रिमांड में पूछताछ के दौरान नईम ने जुर्म कबूल करते हुए बताया कि वह शराब और जुए का आदी है। कर्ज और आर्थिक तंगी के चलते उसने वसीम, फर्जान और अकील के साथ मिलकर दिल्ली, यूपी और राजस्थान में चोरी की वारदातें शुरू कीं। उसकी निशानदेही पर उसके मेरठ स्थित घर से तीन जोड़ी सोने की बालियां, तीन सोने की अंगूठियां, दो सोने के लॉकेट, दो जोड़ी टॉप्स, एक झुमका और करीब 80 ग्राम पिघला हुआ सोना बरामद किया गया।
48 वर्षीय नईम पहले भी छह मामलों में शामिल रहा है। उसकी गिरफ्तारी से इस बड़े चोरी के मामले की जांच में नई प्रगति हुई है और पुलिस को उम्मीद है कि शेष आरोपी भी जल्द गिरफ्त में होंगे।
द्वारका जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह ने बताया कि अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर सख्ती से अंकुश लगाया जाएगा।





