दिल्ली पुलिस के आउटर नॉर्थ डिस्ट्रिक्ट ने संगठित अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए बवाना इलाके में सक्रिय एक सशस्त्र लूट गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से दो आरोपी थाना बवाना के सक्रिय बदमाश (BC) बताए जा रहे हैं। आरोपियों के कब्जे से देसी पिस्टल, जिंदा कारतूस, लूटा हुआ मोबाइल फोन, नकद राशि और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार, 27 दिसंबर 2025 को थाना बवाना में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता 17 वर्षीय युवक ने बताया कि वह फिरोजपुर बांगर स्थित एक फैक्ट्री में काम करता है। काम खत्म करने के बाद वह अपने भाई और जीजा के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान मंगेशपुर से ओचंदी बॉर्डर जाने वाले रास्ते पर पावर ग्रिड गेट के पास तीन युवकों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने हथियार दिखाकर उसके साथ मारपीट की और मोबाइल फोन व 300 रुपये लूटकर लाल रंग की बाइक पर फरार हो गए।
घटना की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष टीम का गठन किया गया, जिसने मैनुअल जांच और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपियों की पहचान की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने ऋषभ उर्फ मोनी, प्रशांत शेरावत और विनय नामक तीनों आरोपियों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से एक देसी पिस्टल, दो जिंदा कारतूस, लूटा हुआ पोको मोबाइल फोन, 300 रुपये नकद और एक पल्सर बाइक बरामद की गई।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ऋषभ उर्फ मोनी पहले भी दिल्ली से निर्वासित रह चुका है और उस पर लूट, हथियार अधिनियम, स्नैचिंग, चोरी और आबकारी से जुड़े 14 मामले दर्ज हैं। वहीं प्रशांत शेरावत पर भी चोरी, लूट और आर्म्स एक्ट समेत 11 आपराधिक मामलों का रिकॉर्ड है। तीसरा आरोपी विनय भी इस वारदात में शामिल पाया गया है।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में की गई इस कार्रवाई को आउटर नॉर्थ जिले में अपराध के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी माना जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है।





