दिल्ली के रोहिणी जिले की पुलिस ने एक ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश करते हुए पाँच आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें दो नाबालिग भी शामिल हैं। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू, वारदात में उपयोग हुई बाइक और खून से सने कपड़े बरामद किए हैं।
घटना 25 अगस्त की सुबह की है। करीब 4:41 बजे पुलिस को सूचना मिली कि सेक्टर-7/8 की डिवाइडिंग रोड पर एक किशोर गंभीर रूप से घायल हालत में पड़ा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायल की पहचान 15 वर्षीय कव्यान के रूप में की और उसे बीएसए अस्पताल में भर्ती कराया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामला हत्या में बदलते ही पुलिस ने तफ्तीश शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस टीम ने करीब 15 किलोमीटर इलाके के 250 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले। इसी दौरान संदिग्ध काले रंग की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल की पहचान हुई, जिसका नंबर आंशिक रूप से सामने आया। छानबीन में पता चला कि बाइक शाहबाद डेयरी निवासी आयुष के नाम पर दर्ज है। उसे नारायणा बस डिपो से पकड़ा गया और पूछताछ में उसने कबूल किया कि उसकी बाइक वारदात में इस्तेमाल हुई थी।
इसके बाद पुलिस की टीमें बिहार के सुपौल और दरभंगा पहुंचीं, जहाँ से बाक़ी आरोपियों को दबोच लिया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि 24/25 अगस्त की रात रोहिणी के एक होटल में जन्मदिन की पार्टी हुई थी। इसी पार्टी से लौटते वक्त मुख्य आरोपी रुपेश उर्फ़ ‘R’ ने अपने साथी सुधांशु उर्फ़ मोनू, प्रशांत और दूसरे नाबालिग दोस्त ‘P’ के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया।
पुलिस के मुताबिक, रात करीब 3:30 से 4 बजे के बीच आरोपी ठंडी ड्रिंक और स्नैक्स लेने M2K गए थे। रास्ते में उनकी मुलाकात कव्यान से हुई। उन्होंने उससे कुछ निषिद्ध वस्तु (prohibited stuff) के बारे में पूछा। जब कव्यान ने मना किया, तो आरोपियों ने उस पर हमला कर दिया। रुपेश ने पहले से खरीदे गए चाकू से उसके गले पर वार किया और सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद वे होटल लौटे और कपड़े बदलकर तीन आरोपी बिहार भाग गए।
गिरफ्तार आरोपियों में सुधांशु पहले भी शाहबाद डेयरी थाने के लूट के मामले में शामिल रह चुका है। आयुष बाइक मालिक है, जबकि प्रशांत और दो नाबालिगों ने वारदात में सीधी भूमिका निभाई। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल चाकू, बाइक और खून से सने कपड़े बरामद कर लिए हैं।
डीसीपी रोहिणी राजीव रंजन ने कहा कि यह केस पुलिस के लिए बड़ी चुनौती था, लेकिन लगातार तकनीकी जांच और मानवीय खुफिया जानकारी की मदद से आरोपियों को पकड़ लिया गया। आगे की जांच जारी है






