नई दिल्ली। उत्तरी-पश्चिमी जिले की साइबर पुलिस ने एक फर्जी वर्क-फ्रॉम-होम जॉब रैकेट का पर्दाफाश करते हुए 24 वर्षीय युवक को गिरफ्तार किया है, जो व्हाट्सएप कॉल्स के ज़रिए भोले-भाले लोगों को नौकरी का झांसा देकर ठगी कर रहा था। आरोपी की पहचान पश्चिमी दिल्ली के मोती नगर निवासी पार्थ भाटिया के रूप में हुई है।
यह कार्रवाई एक महिला की शिकायत पर की गई, जिसने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे व्हाट्सएप पर संपर्क कर पार्ट-टाइम जॉब ऑफर किया और फिर 15,000 रुपये बतौर “सिक्योरिटी फीस” वसूल लिए। इतना ही नहीं, आरोपी ने उसके Apple MacBook को भी “जॉब अपग्रेड” के बहाने एक रैपिडो राइडर के ज़रिए मंगवा लिया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इंस्पेक्टर दिनेश दहिया (SHO/PS साइबर) के नेतृत्व में एक टीम गठित की। एसीपी साइबर राजीव कुमार के निर्देशन में टीम ने तकनीकी विश्लेषण के आधार पर व्हाट्सएप की IP लॉग्स, रैपिडो बुकिंग डिटेल्स और अन्य डिजिटल सुरागों को खंगाला। कड़ी निगरानी और प्रयासों के बाद आरोपी को मोती नगर स्थित उसके घर से गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ में आरोपी ने कबूल किया कि वह ऑनलाइन धोखाधड़ी में लिप्त है और इस अपराध से मिले पैसों से अपनी जुए की लत पूरी करता है। पुलिस को उसके मोबाइल फोन की बरामदगी भी हुई है, जिससे वह वारदात को अंजाम देता था।
फिलहाल पुलिस आरोपी की अन्य साइबर अपराधों में संलिप्तता की जांच कर रही है। उत्तर-पश्चिम जिले की साइबर टीम की इस कार्रवाई से इलाके में सक्रिय अन्य साइबर ठगों के खिलाफ भी एक सख्त संदेश गया है।







