नई दिल्ली, 6 नवंबर 2025 – उत्तरी जिला पुलिस की संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई के चलते एक 14 वर्षीय लड़का, जो घर और स्कूल से अचानक गायब हो गया था, मात्र 24 घंटे में सुरक्षित मिल गया। थाना रूप नगर की टीम ने “ऑपरेशन मिलाप” के तहत इस बच्चे को नानक प्याऊ गुरुद्वारे से ढूंढ निकाला और उसके परेशान माता-पिता से मिलाया।
मामला 3 नवंबर का है, जब दयालपुर निवासी डी.एस. रावत ने थाना रूप नगर में अपने 14 वर्षीय बेटे के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। लड़का दसवीं कक्षा का छात्र है और सुबह स्कूल गया था, लेकिन स्कूल के मुख्य द्वार से ही वह अचानक गायब हो गया। शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई और जांच एएसआई कपिल यादव को सौंपी गई।
गंभीरता को देखते हुए एसआई राजू, एएसआई कपिल यादव और एचसी जगपाल की संयुक्त टीम बनाई गई। टीम ने स्कूल, ट्यूशन और आसपास के इलाकों में तलाश की, लेकिन बच्चे का कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने करीब 50–60 CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें बच्चा आखिरी बार राणा प्रताप बाग स्थित नानक प्याऊ गुरुद्वारे के पास दिखाई दिया।
तलाश को और आगे बढ़ाते हुए पुलिस टीम गुरुद्वारे पहुंची, जहां बच्चा अंदर ही मिल गया। पूछताछ में पता चला कि वह पढ़ाई में कमजोर होने और हाल के परीक्षा परिणाम ठीक न आने की वजह से स्कूल जाने से घबरा रहा था। उसी चिंता में वह स्कूल के भीतर गया ही नहीं और आसपास घूमता रहा। भूख लगने पर उसने गुरुद्वारे में लंगर खाया और वहीं रुक गया।
थाना रूप नगर की टीम ने बच्चे को आवश्यक औपचारिकताओं के बाद सुरक्षित माता-पिता के सुपुर्द कर दिया। बेटे को पाकर परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस टीम के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। पुलिस ने बताया कि मामले में कोई संदिग्ध भूमिका नहीं पाई गई, इसलिए केस रद्द किया जा रहा है।
उत्तरी जिला डीसीपी राजा बंथिया (IPS) ने कहा कि “ऑपरेशन मिलाप” का उद्देश्य हर लापता बच्चे को सुरक्षित घर लौटाना है, और यह कार्रवाई दिल्ली पुलिस की प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता को दर्शाती है।






