नए वर्ष 2026 की दहलीज पर दिल्ली की मुख्यमंत्री श्रीमती रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वर्ष 2025 चुनौतियों, नई जिम्मेदारियों और बड़े बदलावों की तैयारी का साल रहा, जबकि 2026 उन सभी योजनाओं को जमीन पर उतारने का वर्ष होगा। उन्होंने कहा कि बीता साल सिर्फ सवालों और आलोचनाओं तक सीमित नहीं रहा, बल्कि दिल्ली सरकार ने वे फैसले लिए जिनका राजधानी लंबे समय से इंतजार कर रही थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाए। नए शिक्षा बिल के जरिए अभिभावकों को महंगी फीस के बोझ से राहत मिली, वहीं आयुष्मान योजना के तहत दिल्लीवासियों को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज सुनिश्चित किया गया। गरीब और मेहनतकश वर्ग के लिए 5 रुपये में भरपेट भोजन देने वाली अटल कैंटीन को जनता का भरपूर समर्थन मिला।
उन्होंने बताया कि 2025 में दिल्ली के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने की दिशा में कई योजनाओं को मंजूरी दी गई। पर्यावरण संरक्षण को लेकर सरकार ने एंड-टू-एंड कारपेटिंग सड़कों का काम शुरू किया, नई सफाई मशीनरी लाई गई और खुले में अलाव व आग जलाने पर रोक लगाई गई, जिससे प्रदूषण पर नियंत्रण की दिशा में ठोस शुरुआत हुई।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने स्पष्ट किया कि दिल्ली की कई समस्याएं वर्षों पुरानी हैं और 2026 में उनका स्थायी समाधान सरकार की प्राथमिकता होगी। उन्होंने कहा कि बायोगैस और ई-वेस्ट प्लांट्स की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और राजधानी में कूड़े के पहाड़ों को खत्म करने का संकल्प लिया गया है। उन्होंने दो टूक कहा कि 2026 वह साल होगा जब दिल्ली के कूड़े के पहाड़ इतिहास बनेंगे।
अपने संदेश के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली को 2047 के विजन से जोड़ते हुए सरकार हर उस काम को पूरा करेगी, जिसकी अपेक्षा दिल्लीवासियों को है। उन्होंने कामना की कि नया साल सभी के जीवन में खुशियां, उम्मीद और नया सवेरा लेकर आए, और भरोसा दिलाया कि दिल्ली सरकार हर कदम पर जनता के साथ खड़ी है।





