SIR पर सरकारी कर्मचारियों की सत्यनिष्ठा पर सवाल उठाने वाले राजनीतिक दल सार्वजनिक माफी मांगें: दिल्ली गवर्नमेंट एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन

नई दिल्ली। दिल्ली गवर्नमेंट एम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन (रजि.) ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के संबंध में भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन आयुक्त के प्रति समर्थन व्यक्त करते हुए सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की सत्यनिष्ठा एवं गरिमा की रक्षा की मांग की है। एसोसिएशन ने SIR प्रक्रिया को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों एवं संगठनों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर चिंता जताते हुए संबंधित पक्षों से सार्वजनिक माफी मांगने की अपील की है।

एसोसिएशन के वाइस प्रेसिडेंट जोगेंद्र डबास ( पहलवान) एवं गोमती मट्टू, सेक्रेटरी शमशेर सिंह और नरेंद्र दत्त ने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाए जाने या प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर किसी भी शिकायत की जांच तथ्यों, अभिलेखों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया के आधार पर होनी चाहिए। जांच से पहले आरोपों को प्रमाणित तथ्य मानना उचित नहीं है।

एसोसिएशन ने कहा कि निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO), सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AERO), बूथ लेवल अधिकारी (BLO), बूथ लेवल सुपरवाइजर और अन्य सरकारी कर्मचारी निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत अपने दायित्व निभाते हैं। बिना पर्याप्त साक्ष्य के उनकी सामूहिक ईमानदारी एवं निष्पक्षता पर सवाल उठाने से उनके मनोबल और प्रतिष्ठा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। किसी विशिष्ट मामले में अनियमितता प्रमाणित होने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

एसोसिएशन ने संबंधित राजनीतिक दलों एवं संगठनों से अपने आरोपों के समर्थन में सक्षम प्राधिकारियों के समक्ष प्रमाण प्रस्तुत करने और सरकारी कर्मचारियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की अपील की है।

कर्मचारियों की गरिमा के समर्थन में एसोसिएशन ने दिल्ली सचिवालय से राजघाट तक कैंडल मार्च अथवा शांतिपूर्ण मार्च निकालने और सक्षम अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने का प्रस्ताव भी रखा है। ये कार्यक्रम आवश्यक अनुमतियों एवं कानूनी प्रावधानों के अनुरूप आयोजित किए जाएंगे।

एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय कुमार तथा सचिव सत्यवीर खेड़ा, राकेश शर्मा, प्रवीण तुसीर और सतीश शर्मा ने कहा कि संगठन किसी भी वास्तविक शिकायत की जांच के खिलाफ नहीं है, बल्कि निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और ईमानदारी से कार्य करने वाले कर्मचारियों की प्रतिष्ठा की रक्षा का पक्षधर है। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से लोकतांत्रिक संस्थाओं का सम्मान करने और जिम्मेदार सार्वजनिक संवाद बनाए रखने की अपील की।

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