हथकरघा प्रशिक्षण लेने वाले छात्रों के लिए बड़ी सौगात, दिल्ली सरकार ने स्टाइपेंड में की पांच गुना बढ़ोतरी

दिल्ली सरकार के उद्योग विभाग ने ‘प्रमोशन ऑफ हैंडलूम’ योजना के तहत भारतीय हस्तकरघा प्रौद्योगिकी संस्थान (IIHT), जोधपुर में प्रशिक्षण ले रहे छात्रों के लिए स्टाइपेंड में पांच गुना बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह बदलाव शैक्षणिक सत्र 2025–26 से लागू होगा।

उद्योग मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इसे युवाओं और भारत की पारंपरिक हस्तकला विरासत में एक रणनीतिक निवेश बताया। प्रस्ताव के तहत छात्रों को मिलने वाला अतिरिक्त राज्य स्टाइपेंड ₹400 से बढ़ाकर ₹2000 प्रति माह किया जाएगा। वहीं, शैक्षिक पुस्तक/शैक्षणिक भ्रमण भत्ता ₹1000 से बढ़ाकर ₹5000 सालाना कर दिया गया है।

मंत्री सिरसा ने कहा कि यह बदलाव केवल राशि बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उन कारीगरों की पीढ़ी को सशक्त बनाने का प्रयास है जो आने वाले समय में देश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेंगे।

सरकार की यह पहल युवाओं को न केवल सम्मान के साथ प्रशिक्षण पूरा करने में मदद करेगी, बल्कि हथकरघा उद्योग के पुनरुत्थान और आधुनिकीकरण में भी अहम भूमिका निभाएगी। प्रस्ताव के तहत 2025–26 के लिए ₹10 लाख का बजट निर्धारित किया गया है।

  • Leema

    Related Posts

    अग्रसेन के विचार एवं सिद्धांत आज के युग में भी प्रासंगिक है: स्वामी आर्यवेश

    भिवानी, 10 अक्टूबर। बच्चों को केवल पुस्तकों के माध्यम से महापुरुषों के जीवन से परिचित करवाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से उनके विचारों को समझने और…

    पैरामाउंट सिंटेक्स के आईपीओ को मिला दमदार रिस्पॉन्स

    मुंबई (अनिल बेदाग): वस्त्र उद्योग की कंपनी पैरामाउंट सिंटेक्स लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को निवेशकों का शानदार समर्थन मिला है। कंपनी का 81.79 करोड़ रुपये का लघु एवं…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    हस्तरेखा से भी पता चलता है पितृदोष

    हस्तरेखा से भी पता चलता है पितृदोष

    कुंडली में पितृदोष कैसे पहचाना जाता है? जानिए ज्योतिषीय मान्यताएं

    कुंडली में पितृदोष कैसे पहचाना जाता है? जानिए ज्योतिषीय मान्यताएं

    पितृपक्ष ही नहीं, हर अमावस्या पितरों को याद करें, उनके नाम पर किसी गरीब के जीवन में रोशनी लाएं

    पितृपक्ष ही नहीं, हर अमावस्या पितरों को याद करें, उनके नाम पर किसी गरीब के जीवन में रोशनी लाएं

    अग्रसेन के विचार एवं सिद्धांत आज के युग में भी प्रासंगिक है: स्वामी आर्यवेश

    अग्रसेन के विचार एवं सिद्धांत आज के युग में भी प्रासंगिक है: स्वामी आर्यवेश

    पैरामाउंट सिंटेक्स के आईपीओ को मिला दमदार रिस्पॉन्स

    पैरामाउंट सिंटेक्स के आईपीओ को मिला दमदार रिस्पॉन्स

    कुलजीत सिंह चहल ने 43 एनडीएमसी एवं नवयुग स्कूलों में ‘सेवा चित्र’ प्रतियोगिताओं का किया शुभारंभ

    कुलजीत सिंह चहल ने 43 एनडीएमसी एवं नवयुग स्कूलों में ‘सेवा चित्र’ प्रतियोगिताओं का किया शुभारंभ