दिल्ली के उत्तर जिला पुलिस की टीम ने लाहौरी गेट थाना क्षेत्र में सक्रिय एक कुख्यात पिक-पॉकेट गैंग का भंडाफोड़ कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में चोरी किए गए मोबाइल फोन खरीदने वाला एक रिसीवर भी शामिल है। पुलिस ने इन बदमाशों के पास से कुल 23 महंगे स्मार्टफोन बरामद किए हैं, जिसमें एक एप्पल आईफोन भी शामिल है जिसे हाल ही में Fatehpuri Chowk, खारी बावली इलाके से चुराया गया था।
पुलिस के मुताबिक, ये आरोपी अपने गांव भोगांव, मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) से लोकल ट्रेन या बस के जरिए दिल्ली आते थे, भीड़भाड़ वाले इलाकों और मेट्रो स्टेशनों पर लोगों की जेब काटते थे और वारदात के बाद तुरंत वापस गांव लौट जाते थे ताकि गिरफ्तारी से बच सकें। पकड़े गए आरोपियों में तीन की आपराधिक पृष्ठभूमि भी सामने आई है।
मामला तब सामने आया जब 20 जुलाई को अशोक रोड निवासी ऋत्विक राय ने लाहौरी गेट थाने में ई-एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वो अपने दोस्त के साथ फतेहपुरी चौक की एक मिठाई की दुकान पर मिठाई लेने गए थे, तभी भीड़ में किसी ने उनकी पैंट की जेब से उनका एप्पल आईफोन उड़ा लिया। जांच में जुटी एसआई सुधीर राठी के नेतृत्व में इंस्पेक्टर योगेश्वर सिंह और एसीपी शंकर बनर्जी की निगरानी में पुलिस टीम ने इलाके के कई सीसीटीवी फुटेज खंगाले। संदिग्धों की तस्वीरें निकालकर मुखबिरों को दी गईं। कड़ी मेहनत के बाद एक आरोपी की लोकेशन अरुण जेटली क्रिकेट स्टेडियम के पास मिली और पुलिस ने छापा मारकर आरोपी अंकित को दबोच लिया।
पूछताछ में अंकित ने खुलासा किया कि उसने अपने तीन साथियों अमित, करण और मनीष के साथ मिलकर आईफोन चुराया था और चोरी का फोन अरुण उर्फ गेल नाम के व्यक्ति को बेचने के लिए सौंप दिया था। पुलिस ने फिर अरुण को उसके गांव भोगांव से गिरफ्तार किया और उसके पास से चोरी हुआ एप्पल आईफोन बरामद कर लिया।
आरोपियों की निशानदेही पर अलग-अलग जगहों से कुल 23 स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं। इन मोबाइलों में से पांच लाहौरी गेट थाना क्षेत्र में दर्ज चोरी के मामलों से जुड़े पाए गए हैं, जबकि बाकी की चोरी की घटनाओं की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि ये सभी आरोपी शराब और नशे के आदी हैं और महंगे शौक पूरे करने के लिए जेबकतरी करते थे। सभी आरोपी पढ़ाई छोड़ चुके हैं और दिल्ली में चोरी की वारदातें कर गांव लौट जाते थे।
गिरफ्तार आरोपियों में अंकित, अमित उर्फ पिर्राह, मनीष उर्फ छोटू, करण और अरुण उर्फ गेल शामिल हैं। पुलिस ने इनके खिलाफ 112 बीएनएस समेत अन्य धाराएं भी जोड़ दी हैं। गिरफ्तार आरोपियों में से कुछ पर पहले भी अपहरण, पॉक्सो और चोरी के केस दर्ज हैं।
उत्तर जिला डीसीपी राजा बंथिया ने बताया कि पुलिस टीम की सक्रियता और लगातार प्रयास से पिक-पॉकेट गैंग का भंडाफोड़ हुआ है और इलाके में मोबाइल चोरी की कई घटनाओं का पर्दाफाश किया गया है। पुलिस अब बाकी चोरी के मोबाइलों से जुड़े केसों को जोड़ने में लगी हुई है।





