नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में शुक्रवार से ‘सेलिब्रेटिंग इंडिया फिल्म फेस्टिवल’ की शुरुआत हुई, जिसने भारतीय सिनेमा की विविधता और सांस्कृतिक समृद्धि को एक साझा मंच पर पेश करने की नई पहल की है। इस तीन दिवसीय फिल्म महोत्सव का उद्घाटन एनसीयूआई ऑडिटोरियम में हुआ, जहां कला, संस्कृति, भाषा एवं पर्यटन मंत्री श्री कपिल मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर श्री कपिल मिश्रा ने घोषणा की कि दिल्ली सरकार जल्द ही देश की सबसे आधुनिक और समग्र फिल्म एवं पर्यटन नीति लेकर आ रही है। उन्होंने कहा कि सिनेमा सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि एक ऐसा सशक्त मंच है जो राष्ट्र की संस्कृति को दर्शाने और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाता है।
उद्घाटन समारोह में फिल्म जगत की कई नामचीन हस्तियाँ भी मौजूद रहीं, जिनमें पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी, प्रसिद्ध फिल्म निर्माता मधुर भंडारकर, अभिनेता मनोज जोशी और ईशिता भट्ट प्रमुख रहे।
कपिल मिश्रा ने बताया कि दिल्ली को फिल्म निर्माण की पसंदीदा मंज़िल बनाने के लिए सरकार सक्रिय रूप से प्रयासरत है। आने वाले समय में ऐसे और भी बड़े आयोजन दिल्ली सरकार के सहयोग से आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में जल्द ही अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का आयोजन किया जाएगा, जिसके लिए विशेष बजट आवंटित किया गया है। साथ ही, फिल्म निर्माताओं को राजधानी में शूटिंग की अनुमति के लिए सिंगल विंडो क्लीयरेंस की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
मंत्री कपिल मिश्रा ने आयोजन में शामिल सभी संस्थाओं—उत्तराखंड फिल्म विकास परिषद, सिग्नेचर ग्लोबल फाउंडेशन, ग्राफिसैड्स और अन्य सहयोगियों को बधाई दी और इस आयोजन को सफल बनाने के लिए आभार जताया।
उन्होंने कहा कि यह महोत्सव सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि संवाद, पहचान और रचनात्मकता का उत्सव है। दिल्ली सरकार ऐसे आयोजनों को बढ़ावा देकर राजधानी को कला, संस्कृति और सिनेमा का अंतरराष्ट्रीय केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
फेस्टिवल में देशभर के फिल्मकार, कलाकार और सिनेमा से जुड़े पेशेवर भाग ले रहे हैं। डॉक्यूमेंट्री, शॉर्ट फिल्म्स, फीचर फिल्मों और बहुभाषी प्रस्तुतियों के ज़रिए भारतीय सिनेमा की सामाजिक और सांस्कृतिक शक्ति को प्रदर्शित किया जा रहा है।







