नई दिल्ली, 22 जनवरी 2026।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को सचिवालय में आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रशासन को साफ शब्दों में निर्देश दिए कि अब योजनाएं कागजों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि उनके नतीजे जमीन पर दिखने चाहिए। बैठक में सभी विभागों के प्रमुख अधिकारियों को 5 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं की जानकारी एक सप्ताह के भीतर ‘सीएम-प्रगति’ पोर्टल पर अपडेट करने के आदेश दिए गए, ताकि बड़े प्रोजेक्ट्स की सीधी निगरानी और समयबद्ध समीक्षा सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर विभाग अपने पोर्टल पर विकास कार्यों की प्रगति नियमित रूप से अपडेट करे, जिससे शासन में पारदर्शिता बनी रहे और जनता को सही स्थिति की जानकारी मिल सके। उन्होंने लंबित परियोजनाओं को तय समयसीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में मुख्य सचिव राजीव वर्मा सहित सभी विभागों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
सीएम ने ‘दिल्ली मित्र’ पोर्टल को लेकर भी अहम निर्देश दिए और कहा कि यह प्लेटफॉर्म सरकार और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करेगा। इसके जरिए शिकायतों का निपटान पहले से अधिक तेज, पारदर्शी और भरोसेमंद होगा। उन्होंने तकनीकी तैयारियां, कर्मचारियों की ट्रेनिंग और सभी विभागों के एकीकरण का काम शीघ्र पूरा करने को कहा, ताकि पोर्टल को बिना देरी जनता के लिए लॉन्च किया जा सके।
गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री ने पानी, बिजली, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य जरूरी सुविधाओं पर अभी से पूरी तैयारी के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले महीनों में नागरिकों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी आवश्यक सेवाएं सुचारू रूप से चलती रहें।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दो टूक कहा कि दिल्ली सरकार ‘परिणाम आधारित प्रशासन’ के रास्ते पर चल रही है, जहां योजनाओं का असर कागजों में नहीं, बल्कि हर गली और हर मोहल्ले में दिखाई देगा।







