दिल्ली के शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने शुक्रवार को कहा कि केंद्रीय बजट 2026 विकसित भारत 2047 की दिशा में एक निर्णायक कदम है, जो न सिर्फ देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा बल्कि भारत की औपनिवेशिक सोच से पूरी तरह मुक्ति का प्रतीक भी है। दिल्ली सचिवालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में सूद ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 11 वर्ष पहले बजट पेश करने की तारीख 28 मार्च से बदलकर 1 फरवरी कर ऐतिहासिक निर्णय लिया था, जिससे योजनाओं की समय पर तैयारी और प्रभावी क्रियान्वयन संभव हो सका।
उन्होंने बताया कि इस बजट में दिल्ली के लिए कई अहम प्रावधान किए गए हैं। दिल्ली पुलिस को मजबूत करने के लिए ₹12,846 करोड़ का प्रावधान किया गया है, जिससे एआई आधारित स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट, फेस रिकग्निशन तकनीक, शहरभर में सीसीटीवी नेटवर्क और उन्नत संचार प्रणालियों को बढ़ावा मिलेगा। सूद ने कहा कि औद्योगिक और लॉजिस्टिक कॉरिडोर के आसपास पांच यूनिवर्सिटी टाउनशिप विकसित की जाएंगी, जिससे शिक्षा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने जानकारी दी कि दिल्ली सरकार ने नरेला एजुकेशन सिटी के लिए पहले ही 160 एकड़ भूमि अधिग्रहित कर ली है, जो आने वाले समय में एक बड़े शिक्षा और लॉजिस्टिक्स हब के रूप में उभरेगी। साथ ही महिला नेतृत्व वाले विकास को बढ़ावा देने के लिए बजट में ₹5.01 लाख करोड़ का आवंटन किया गया है। सूद ने यह भी कहा कि शहरी विकास और ऊर्जा क्षेत्र में ₹53.5 लाख करोड़ के निवेश से भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।







