दिल्ली विधानसभा में ‘प्राइड’ कार्यक्रम के तहत 18 देशों से आए 43 प्रतिनिधियों के दल ने दौरा किया, जहां विधानसभा अध्यक्ष विजेन्द्र गुप्ता ने उन्हें विधायी प्रक्रिया और कानून निर्माण की अहमियत से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि किसी भी कानून की स्पष्टता और सटीकता ही तय करती है कि वह नागरिकों के अधिकारों की रक्षा कितनी प्रभावी ढंग से कर सकता है।
इस दौरान प्रतिनिधियों को विधानसभा की ऐतिहासिक विरासत और आधुनिक पहलों के बारे में भी जानकारी दी गई। अध्यक्ष ने बताया कि 1912 में बना यह भवन कभी इंपीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल का केंद्र रहा है और आज भी लोकतांत्रिक मूल्यों की मजबूत पहचान है। उन्होंने विठ्ठलभाई पटेल और महात्मा गांधी को याद करते हुए विधानसभा के गौरवशाली इतिहास का जिक्र किया।
विजेन्द्र गुप्ता ने बताया कि दिल्ली विधानसभा को पूरी तरह सौर ऊर्जा से संचालित और पेपरलेस बनाया गया है, जिससे पारदर्शिता और कार्यकुशलता बढ़ी है। साथ ही पुस्तकालय के डिजिटाइजेशन और संग्रहालय निर्माण जैसी परियोजनाओं पर भी काम जारी है, जिससे विधानसभा के इतिहास को आम जनता तक पहुंचाया जा सके।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिनिधियों ने विधानसभा का भ्रमण किया, डॉक्यूमेंट्री फिल्म देखी और ‘एक शताब्दी यात्रा’ पुस्तक के बारे में जानकारी ली। अध्यक्ष ने इस तरह के अंतरराष्ट्रीय संवाद को लोकतांत्रिक सीख और सहयोग के लिए महत्वपूर्ण बताया।






