अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर कड़कड़डूमा स्थित ईस्ट दिल्ली हब में आयोजित “श्रमवीर उत्सव 2026” सिर्फ सांस्कृतिक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह जागरूकता और सुरक्षा का महत्वपूर्ण मंच भी बना। कार्यक्रम में आर.पी. मीणा ने जहां बच्चों को सही शिक्षा और कानून की समझ देने पर जोर दिया, वहीं श्रमिकों को कार्यस्थल पर सुरक्षा और आपात स्थिति से निपटने के जरूरी तरीके भी बताए गए।
कार्यक्रम की शुरुआत में ही श्रमिकों को यह संदेश दिया गया कि काम के दौरान होने वाले हादसों में सबसे बड़ी जरूरत घबराने की नहीं, बल्कि सही समय पर सही कदम उठाने की होती है। एक लाइव डेमो के जरिए यह दिखाया गया कि अगर किसी मजदूर को साइट पर चोट लग जाए, बेहोशी हो जाए या कोई गंभीर दुर्घटना हो, तो कैसे तुरंत प्रतिक्रिया देकर उसकी जान बचाई जा सकती है।
डेमो में समझाया गया कि घायल व्यक्ति को सबसे पहले सुरक्षित स्थान पर ले जाएं, भीड़ न लगाएं और तुरंत प्राथमिक उपचार शुरू करें। अगर व्यक्ति बेहोश हो, तो उसकी सांस और नाड़ी की जांच करें और जरूरत पड़ने पर CPR जैसी तकनीक का इस्तेमाल करें। खून बहने की स्थिति में साफ कपड़े से दबाव बनाकर रक्तस्राव रोकने और तुरंत एंबुलेंस या नजदीकी अस्पताल से संपर्क करने पर जोर दिया गया।
इसके साथ ही श्रमिकों को यह भी सिखाया गया कि गर्मी के मौसम में डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक जैसी समस्याओं से कैसे बचा जाए। समय-समय पर पानी पीना, छांव में आराम करना और शरीर को हाइड्रेट रखना बेहद जरूरी बताया गया।
कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य केवल जानकारी देना नहीं, बल्कि लोगों को मानसिक रूप से तैयार करना है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में वे घबराने के बजाय समझदारी से काम लें।






