दिल्ली में कारोबारियों को बड़ी राहत देते हुए मुख्यमंत्री Rekha Gupta के नेतृत्व में सरकार ने लीगल मेट्रोलॉजी सेक्टर में बड़ा बदलाव किया है। अब वेट्स एंड मेजर्स से जुड़े मैन्युफैक्चरर, डीलर और रिपेयरर्स को लाइसेंस के लिए बार-बार रिन्यूअल नहीं कराना होगा, बल्कि एक बार मिलने के बाद यह लाइफटाइम वैध रहेगा।
इस सुधार को उद्योग मंत्री Manjinder Singh Sirsa ने Ease of Doing Business की दिशा में बड़ा कदम बताया है। सरकार ने दिल्ली लीगल मेट्रोलॉजी नियमों में संशोधन कर प्रक्रिया को सरल बनाया है, जिससे कारोबारियों का समय और खर्च दोनों कम होंगे।
नई व्यवस्था के तहत अब लाइसेंस जारी करने के लिए फिजिकल इंस्पेक्शन की बाध्यता भी खत्म कर दी गई है। इसकी जगह सेल्फ-डिक्लेरेशन के आधार पर लाइसेंस मिलेगा, जिससे प्रक्रिया तेज और पारदर्शी होगी।
सरकार “डीरिगुलेशन एक्सरसाइज 2.0” के तहत अनावश्यक नियमों को खत्म कर रही है और जल्द ही एक डिजिटल ऐप भी लॉन्च किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और आसान हो जाएगी।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से दिल्ली में व्यापार करना और भी आसान होगा, साथ ही उद्यमियों को एक भरोसेमंद और कम बाधाओं वाला माहौल मिलेगा।






