नई दिल्ली। BRICS Business Forum 2026 को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने BRICS देशों के बीच व्यापार और कारोबारी सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार तभी आगे बढ़ सकता है, जब समुद्री मार्ग सुरक्षित हों, आपूर्ति मार्ग खुले रहें और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। भारत नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) और समुद्री यात्रियों की सुरक्षा का दृढ़ समर्थक है।
प्रधानमंत्री ने BRICS Women’s Business Alliance को भी BRICS के आर्थिक विजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि महिला उद्यमियों को विकास की कहानी का नेतृत्व करना चाहिए। भारत में आयोजित alliance की बैठक में करीब 200 महिला कारोबारी नेताओं की भागीदारी को उन्होंने उत्साहजनक बताया।
BRICS Business Council के सामने रखे तीन बड़े लक्ष्य
प्रधानमंत्री ने कहा कि BRICS अब अपने तीसरे दशक में प्रवेश कर रहा है और ऐसे में BRICS Business Council को ठोस लक्ष्यों के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने परिषद के सामने तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे—
- BRICS देशों के बीच मौजूद शीर्ष 10 व्यापार बाधाओं को हटाने के लिए रिपोर्ट तैयार की जाए।
- हर वर्ष 100 BRICS स्टार्टअप्स को दूसरे BRICS देशों के बाजारों में विस्तार करने के लिए सहयोग दिया जाए।
- BRICS देशों के व्यवसायों के बीच हर वर्ष 1,000 नई कारोबारी साझेदारियां विकसित की जाएं।
उन्होंने कहा कि इन तीनों मापदंडों पर हर वर्ष प्रगति की समीक्षा की जानी चाहिए, ताकि BRICS के आर्थिक सहयोग को परिणामों से जोड़ा जा सके।
‘महत्वाकांक्षा को कार्रवाई में बदलें’
प्रधानमंत्री ने BRICS के कारोबारी समुदाय से सामूहिक शक्ति को वैश्विक समाधान में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अब BRICS के लिए केवल महत्वाकांक्षा रखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे ठोस कार्रवाई में बदलने का समय है।
उन्होंने अपने संबोधन का समापन करते हुए कहा कि BRICS आगे बढ़े और दुनिया को भी आगे बढ़ाए। साथ ही उन्होंने BRICS Business Forum में मौजूद सभी प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया।





