भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 इस बार पूरी भव्यता के साथ भारत मंडपम में सजा है, जहां देशभर के विभिन्न विभाग, संगठन और राज्य अपनी-अपनी विशिष्ट पहचान को लोगों के सामने प्रस्तुत कर रहे हैं
मेवाड़ से आए कलाकार अपने साथ वह प्राचीन कला लेकर पहुंचे हैं, जिसके जरिए साधारण-सी मिट्टी अद्भुत कलाकृतियों का रूप ले लेती है। इन्हीं हाथों की कोमल छुवन से जन्म लेते हैं खूबसूरत डेकोरेटिव आइटम, दीवार पर टांगने वाली कलाकृतियाँ और छोटे-छोटे मिट्टी के शोपीस, जो देखने वाले को मेवाड़ी संस्कृति की आत्मा का अनुभव करा देते हैं। हर एक वस्तु पूरी तरह हाथ से बनी है, जिसमें कलाकारों की मेहनत, धैर्य और मिट्टी के प्रति प्रेम झलकता है।
IITF 2025 में लगे इन स्टॉल्स के बीच मेवाड़ की यह अनोखी कला न सिर्फ लोगों को रोक रही है, बल्कि भारतीय हस्तशिल्प की पुरातन विरासत को एक आधुनिक मंच भी दे रही है। यह मेला एक बार फिर साबित कर रहा है कि भारत की सांस्कृतिक जड़ें जितनी गहरी हैं, उतनी ही खूबसूरती से वे आधुनिक दुनिया में भी अपनी जगह बना रही हैं।







