गुवाहाटी में एनसीसी का विशेष संयुक्त सम्मेलन आयोजित, प्रशिक्षण सुविधाओं, महिला सशक्तिकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर जोर
गुवाहाटी/नई दिल्ली, राज्य मंत्री संजय सेठ ने 15 अक्टूबर 2026 को असम के गुवाहाटी में राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के राज्य प्रतिनिधियों और अपर महानिदेशकों के विशेष संयुक्त सम्मेलन की अध्यक्षता की। सम्मेलन में पूर्वोत्तर क्षेत्र के सात राज्यों के साथ पश्चिम बंगाल और सिक्किम में एनसीसी के विस्तार, संगठन को मजबूत बनाने तथा प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।
सम्मेलन में अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, पश्चिम बंगाल और सिक्किम के मंत्री एवं वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रक्षा मंत्रालय और एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
एनसीसी की क्षमता 20 लाख कैडेट करने का लक्ष्य
सम्मेलन को संबोधित करते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने एनसीसी की वर्तमान क्षमता लगभग 17 लाख कैडेट से बढ़ाकर 20 लाख करने के लक्ष्य को रेखांकित किया। उन्होंने संबंधित राज्यों से एनसीसी के विस्तार के लिए व्यावहारिक और प्रभावी योजनाएं तैयार कर उन्हें लागू करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि युवाओं में ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना विकसित करना और उन्हें अनुशासन, नेतृत्व तथा राष्ट्रीय सेवा के लिए प्रेरित करना आवश्यक है। इसके लिए पर्याप्त बुनियादी ढांचे, बेहतर प्रशिक्षण सुविधाओं और संस्थागत सहयोग को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
महिला कैडेटों की बढ़ती भागीदारी की सराहना
रक्षा राज्य मंत्री ने गणतंत्र दिवस शिविर (आरडीसी) में पूर्वोत्तर राज्यों के कैडेटों की भागीदारी और महिला कैडेटों की बढ़ती संख्या की सराहना की। उन्होंने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एनसीसी के योगदान का महत्वपूर्ण उदाहरण बताया।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए कहा कि एनसीसी युवाओं को आत्मविश्वासी, अनुशासित और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। संगठन की पहुंच बढ़ाने के साथ प्रभावी प्रशिक्षण और सभी संबंधित पक्षों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करना आवश्यक है।
नौ राज्यों में एनसीसी के विस्तार पर चर्चा
सम्मेलन में एनसीसी और राज्य सरकारों के बीच समन्वय मजबूत करने के साथ कैडेटों के कल्याण, प्रशिक्षण संबंधी बुनियादी ढांचे के विकास, प्रशासनिक चुनौतियों के समाधान और संस्थागत क्षमता बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा की गई।
बैठक में सामाजिक सेवा और सामुदायिक विकास में एनसीसी की भूमिका को भी रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता के विकास, राष्ट्रीय एकता तथा युवाओं में सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना विकसित करने में संगठन के योगदान पर जोर दिया।
पूर्वोत्तर में 1.25 लाख कैडेट एनसीसी से जुड़े
पूर्वोत्तर क्षेत्र एनसीसी निदेशालय अरुणाचल प्रदेश, असम, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और त्रिपुरा में नौ समूह मुख्यालयों तथा 50 यूनिटों के माध्यम से काम करता है। इन सात राज्यों के 1,645 शिक्षण संस्थानों में एनसीसी की गतिविधियां संचालित होती हैं, जिनसे लगभग 1.25 लाख कैडेट जुड़े हैं।
वहीं, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में एनसीसी निदेशालय छह ग्रुप मुख्यालयों और 56 यूनिटों के माध्यम से कार्य करता है। इन दोनों राज्यों के 1,326 शिक्षण संस्थानों में एनसीसी की गतिविधियां संचालित होती हैं और लगभग 1.25 लाख कैडेट संगठन का हिस्सा हैं।
एनसीसी के वरिष्ठ अधिकारी भी हुए शामिल
एनसीसी के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेंद्र वत्स की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में रक्षा मंत्रालय की अपर सचिव दीप्ति मोहिल चावला ने भी भाग लिया। इसके अलावा नौ राज्यों के मंत्रियों, वरिष्ठ अधिकारियों तथा रक्षा मंत्रालय और एनसीसी के अधिकारियों ने संगठन के विस्तार और प्रभावी संचालन से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
सम्मेलन का प्रमुख उद्देश्य एनसीसी की पहुंच बढ़ाने, प्रशिक्षण सुविधाओं में सुधार करने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से अधिक प्रभावी ढंग से जोड़ने के लिए केंद्र तथा राज्य सरकारों के बीच समन्वय को मजबूत करना रहा।





