“आर्य समाज इंदिरापुरम का वार्षिकोत्सव संपन्न: राष्ट्र और संस्कृति को संगठित करने का आह्वान”

आर्य समाज एटीएस एडवांटेज इंदिरापुरम का वार्षिकोत्सव समाज सेवी विनोद त्यागी की अध्यक्षता में सौल्लास संपन्न हुआ।

कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य महेन्द्र भाई के ब्रह्मत्व में बहुकुण्डीय यज्ञ से हुआ जिसमें राष्ट्र की सुख समृद्धि व शान्ति की प्रार्थना की गई उन्होंने आगे कहा कि शरीर में कोई सुंदरता नही है,सुंदर होते हैं ब्यक्ति के कर्म,उसके विचार,उसकी वाणी, उसका व्यवहार,उसके संस्कार और उसका चरित्र।ऐसे व्यक्ति ही सन्तोषी,भाग्यवान और सुखी तथा सफल होते हैं जिनके पास भोजन के साथ भूख है,बिस्तर के साथ नींद है और धन के साथ धर्म है।ईश्वर की अपार कृपा व आनन्द की अनुभूति भी इनको स्वतः प्राप्त होने लगती है। इसलिए व्यक्ति अपने थोड़े से जीवन में सकारात्मक सोच व उपकार की भावना से कर्म करते हुए प्रगतिशील बने।

समारोह के मुख्य अतिथि अनिल आर्य (राष्ट्रीय अध्यक्ष केन्द्रीय आर्य युवक परिषद्) ने कहा कि देश की वर्तमान परिस्थितियों में हिन्दू दूसरे दर्जे का नागरिक बनता जा रहा है उन्होंने आर्य जनों को आह्वान किया की ओ३म् की पताका के नीचे पूरे हिन्दू समाज को संगठित करें संगठित रहकर ही हम अपने परिवार,समाज और राष्ट्र की रक्षा कर पाएंगे।आज युवा पीढ़ी पथ से विचलित हो रही है उन्हें राष्ट्रवादी विचारधारा से जोड़ना समय की आवश्यकता है।आज दो विचार धाराए देश में चल रही हैं एक देश को जोड़ना,दूसरी तोड़ना चाहती है।इसलिए हमें राष्ट्र के सजक प्रहरी बनकर राष्ट्र रक्षा का संकल्प लेना होगा।

विशिष्ट अतिथि डा कल्पना रस्तोगी ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम व योगीराज श्री कृष्ण भारतीय संस्कृति के आधार स्तंभ है उनका पूरा जीवन चरित्र निष्कलंक व अनुकरणीय है।उन्होंने आगे कहा कि यदि हम आज भी प्राचीन परंपराओं को अपनायें तो राम राज्य की कल्पना साकार हो सकती है।

समाजसेवी चौधरी मंगल सिंह ने कहा कि यज्ञ योग और आयुर्वेद से मानव जीवन का कल्याण सम्भव है।उन्होंने मिशन 125 वर्ष स्वस्थ जीवन स्वस्थ भारत जीवित रहने के लिए सांस पानी व भोजन मात्र तीन चीजों की आवश्यकता है।लंबे सांस ले लें व पानी अधिक पी लें,भोजन जैविक लें तो हम 125 वर्ष स्वस्थ जीवित रह सकते हैं।

राष्ट्रीय मंत्री प्रवीण आर्य ने महर्षि दयानन्द सरस्वती जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का आह्वान किया।

समारोह अध्यक्ष समाज सेवी विनोद त्यागी ने कहा कि आज नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति के गौरव शाली इतिहास को बताने व पढ़ाने की आवश्कता है।

यशस्वी प्रधान देवेन्द्र गुप्ता ने मंच का कुशल संचालन किया।

आर्य गायिका स्वर साम्राज्ञी शालिनी गोयल,रानो,अनन्त गुप्ता एवं साथी कलाकारों के साजबाज पर मधुर भजनो को सुनकर श्रोता मंत्रमुग्ध हो गए।

प्रमुख रूप से प्रदीप कुमार,दिग्विजय सिंह,ममता चौहान, यज्ञवीर चौहान, सुरेश आर्य, विनीत भगत,योगेश गुप्ता,विजय छाबड़ा,प्रदीप त्यागी,राज कुमार, विजय भारती,परवेश त्रेहन,डा शिप्रा गुप्ता,अभिषेक गुप्ता,डॉ. प्रमोद सक्सैना आदि उपस्थित थे।

शांतिपाठ एवं ऋषि लंगर प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम संपन्न हुआ।

  • Leema

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