दिल्ली पुलिस की आउटर नॉर्थ ज़िला टीम ने महज़ 48 घंटे में कार जैकिंग की बड़ी वारदात का खुलासा कर दिया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ़्तार कर उनके कब्ज़े से लूटी हुई स्विफ्ट डिज़ायर कार, एक देसी कट्टा, दो जिंदा कारतूस, वारदात में इस्तेमाल चाकू और पीड़ित चालक के दस्तावेज़ बरामद किए हैं। साथ ही, दो बिना दावेदार के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।
मामला 28 और 29 अगस्त की रात का है, जब बवाना थाने में एक PCR कॉल मिली। मौके पर पहुंचकर पुलिस को 33 वर्षीय ओला कैब ड्राइवर कुंदन मिला। उसने बताया कि उसकी स्विफ्ट डिज़ायर कार (UP80GT22XX) बवाना चौक से आठ घंटे की बुकिंग पर ली गई थी। यात्रा के दौरान सवारियों ने उसे चाकू की नोक पर धमकाया, गाड़ी पर कब्ज़ा कर लिया और उससे दो मोबाइल फोन, 11,500 रुपये नकद, 6,000 रुपये गूगल पे के ज़रिए और पर्स में रखे पहचान पत्र लूट लिए। इसके बाद आरोपी उसे छोड़कर कार लेकर फरार हो गए।
वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम का गठन किया गया। इंस्पेक्टर राजनीकांत की अगुवाई में बनाई गई टीम ने तकनीकी जांच, सीडीआर, गूगल पे और ओला डिटेल्स के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई। गहन प्रयासों के बाद पुलिस ने रोहित उर्फ़ गोलू को गिरफ्तार किया, जिसके पास से एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में उसने वारदात का खुलासा करते हुए अपने साथी सुरेंद्र उर्फ़ सोनू का नाम लिया। सुराग के आधार पर पुलिस ने उसे भी दबोच लिया और उसके पास से चाकू, पीड़ित का आधार कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद किया गया।
पुलिस जांच में सामने आया कि रोहित उर्फ़ गोलू पहले भी पांच संगीन मामलों में शामिल रहा है। वहीं सुरेंद्र उर्फ़ सोनू का नाम भी वारदात में प्रमुख तौर पर आया है। आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने लूटे गए मोबाइल फोन आदर्श नगर रेलवे स्टेशन पर बेच दिए थे।
फिलहाल पुलिस आगे की जांच कर रही है ताकि लूटे गए मोबाइल फोन भी बरामद किए जा सकें। आउटर नॉर्थ ज़िला पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई अपराधियों के मनोबल को तोड़ने में अहम साबित होगी।





